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कर्नाटक कांग्रेस में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को लेकर खलबली मची है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया समेत पार्टी के शीर्ष नेता आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस को हराने के लिए बीजेपी और ओवैसी के बीच सीक्रेट डील हुई है.कांग्रेस के नेता तो यहां तक कह रहे हैं कि बीजेपी के कुछ नेताओं ने ओवैसी के साथ एक गुप्त बैठक की है और एमआईएम को कहा गया है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कम से कम 50 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करे.
सिद्धारमैया ने कहा कि ओवैसी राज्य में कांग्रेस की जीत की संभावनाओं को खत्म करने के लिए सहमत हो गए हैं. यह वास्तव में चिंता का विषय है. वह खुद को मुस्लिम का मसीहा कहते हैं. वास्तव में वह बीजेपी एजेंट है. उन्होंने पहले यूपी और महाराष्ट्र में उनकी मदद की और अब वह कर्नाटक में उनकी मदद करने के लिए सहमत हो गए हैं. हम बीजेपी और ओवैसी दोनों को बेनकाब करना चाहते हैं. यह डील साबित करता है कि वे न तो हिन्दू के साथ हैं और न ही मुसलमानों के साथ. वोटों के लिए वह किसी के भी साथ हाथ मिला सकते हैं.
कर्नाटक के गृहमंत्री रामालिंगा रेड्डी ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा कि बीजेपी हताश है और कर्नाटक में कांग्रेस के वोटों को बांटने के लिए हर ट्रिक का इस्तेमाल कर रही है. बीजेपी कट्टरपंथी संगठन पीएफआई और इसकी राजनीतिक इकाई एसडीपीआई के साथ भी बातचीत कर रही है. वह मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए ओवैसी, पीएफआई और एसडीपीआई की मदद ले रहे हैं.कर्नाटक में ओवैसी का सपना नया नहीं है. वह हैदराबाद से सटे कर्नाटक क्षेत्र में अपनी पार्टी की पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं. यह क्षेत्र पूर्व में हैदराबाद निजाम के भाग थे. यह कन्नड़ भाषी क्षेत्र 1956 में कर्नाटक का हिस्सा बना. यह क्षेत्र अभी भी हैदराबाद के प्रति सांस्कृतिक रूप से जुड़ा है और भौगोलिक दृष्टि से इसके करीब है. इस क्षेत्र में मुसलमानों की एक बड़ी संख्या भी है. कन्नड़ के बाद इस क्षेत्र में उर्दू दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है.
सिद्धारमैया सरकार ने कानून और व्यवस्था का हवाला देकर पिछले तीन-चार साल से ओवैसी के कर्नाटक में इंट्री रोकने की कोशिश की है. ओवैसी को कई सार्वजनिक मीटिंग रद्द करनी पड़ी, जब पुलिस ने कई मौकों पर उनके इंट्री को रोक दिया.
ओवैसी कर्नाटक के कांग्रेस सरकार पर कई सालों से हमला कर रहे हैं. उनका मानना है कि यह एक अवसरवादी सरकार है जो मुसलमानों को सत्ता के लिए शोषण कर रही है. उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि एमआईएम आगामी विधानसभा चुनावों में भाग लेगी.
दरअसल, बीजेपी और एमआईएम के बीच बैठक की अफवाह ने कांग्रेस में चिंता पैदा कर दी है क्योंकि राज्य में मुस्लिम वोटों की अच्छी संख्या है. हालांकि इसका कोई वास्तविक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. कहा जा रहा है कि राज्य में मुस्लिम आबादी 11-13% के आसपास है. कुछ मुस्लिम नेता दावा करते हैं कि उनकी आबादी 17% से अधिक है और वे संख्या में दलितों के बाद दूसरे नंबर पर हैं.
कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी अपने हार को देखते हुए ऐसे आरोप लगा रही है. हमारा एमआईएम से कोई लेना-देना नहीं है.
(न्यूज18 के लिए डीपी सतीश की रिपोर्ट)
Article source: http://hindi.pradesh18.com/news/live-news/nandini-sindar-says-chhattisgarh-police-trapped-me-and-other-activists-1508466.html
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