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पश्चिम बंगाल विधानसभा में 2018-19 का बजट बुधवार को बजट पेश किया गया. कुल 2,14,958 करोड़ रुपये बजट में कृषि क्षेत्र के लिये कई राहत उपायों की घोषणा की गयी है. वित्त मंत्री अमित मित्रा ने अपने बजट भाषण में ग्रामीण क्षेत्र के लिये स्टांप ड्यूटी शुल्क के भुगतान में राहत, ग्रीन टी पत्तियों पर कृषि कर और उपकर से छूट, किसान पेंशन तथा उनकी सहायता के लिये कोष के गठन की घोषणा की.गरीबों की मदद करना बजट का मुख्य उद्देश्य
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इसमें किये गये प्रस्तावों का मकसद गरीबों की मदद करना तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है. राज्य में अगले तीन-चार महीनों में पंचायत चुनाव होने हैं.
महिलाओं पर है खास ध्यानबजट में महिलाओं के लिये कई उपायों की घोषणा की गयी. इसमें कन्याश्री छात्रवृत्ति में वृद्धि तथा रूपश्री योजना के तहत शादी-विवाह के लिये मदद शामिल हैं. इस पर 1,500 करोड़ रुपये का शुरूआती व्यय होगा. सरकार ने दिव्यांगों के लिये पेंशन 750 रुपये मासिक से बढ़ाकर 1,000 रुपये महीना कर दिया है. इससे दो लाख लोगों को लाभ होगा. इस योजना के लिये 250 करोड़ रुपये का निर्धारण किया गया है.
ग्रामीण क्षेत्रों में घटी स्टांप ड्यूटी
बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में 40 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर स्टांप ड्यूटी 6 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है. शहरी क्षेत्रों के लिये भी स्टांप ड्यूटी 7 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है.
किसानों के लिए अतिरिक्त सहायता कोष
कुल 2,14,958 करोड़ रुपये के बजट में सरकार ने किसानों के लिये 100 करोड़ रुपये का सहायता कोष बनाने का प्रस्ताव किया है. इस कोष में से किसानों को उस समय मदद दी जाएगी जब वे संकट में होंगे. साथ ही किसानों का पेंशन 750 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये मासिक करने का प्रस्ताव है.
मित्रा ने कहा कि माल एवं सेवा कर के प्रतिकूल प्रभाव के बावजूद 8.92 लाख लोगों के लिये रोजगार सृजित किये गये. मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किये गये प्रस्तावों का मकसद गरीबों की मदद करना तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है.
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बजट में खेती-बाड़ी पर विशेष जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट से रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.
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