Wednesday, 31 January 2018

'BUDGET से उतनी ही उम्मीदें, जितनी दिल्ली को केजरीवाल से'


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बजट 2018 कई मायनों में खास होने के कयास लगाए जा रहे हैं. जीएसटी लागू होने के बाद ये पहला आम बजट है. इसे लेकर हर जगह चर्चा का बाज़ार गर्म है, शहर से लेकर गांव तक, हर कहीं लोग बजट को लेकर उत्सुक हैं. लेकिन ये उत्सुक्ता, ज़मीन से ज़्यादा सोशल मीडिया पर दिख रही है. बजट को लेकर सोशल मीडिया में लोग अपनी-अपनी उम्मीदें जता रहे हैं.वित्त मंत्री अरुण जेटली आज संसद में 2018-19 के लिए आम बजट पेश करेंगे. यह उनकी सरकार का पांचवां बजट होगा. यह बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब आने वाले महीनों में आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे तीन प्रमुख राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारें हैं. अगले साल यहां लोकसभा चुनाव भी होने हैं. ऐसे में उम्मीद है कि इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों को खुश करने के लिए नई योजनाएं लाई जा सकती हैं, तो मनरेगा, ग्रामीण आवास, सिंचाई परियोजनाओं व फसल बीमा जैसे मौजूदा कार्यक्रमों के लिए आवंटन में बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है.


जेटली ने राजकोषीय घाटे को मौजूदा वित्त वर्ष में घटाकर जीडीपी के 3.2 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा था. अगले वित्त वर्ष 2018-19 में इसे घटाकर तीन प्रतिशत किया जाना है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बजट को लेकर बड़ी उम्मीदें नहीं पालने की नसीहत पहले ही दे चुके हैं. उन्होंने संकेत दिया था कि बजट में लोकलुभावन कदमों पर जोर नहीं होगा. उन्होंने कहा था, यह एक भ्रम है कि आम आदमी छूट चाहता है. जीएसटी लागू होने के बाद यह पहला आम बजट होगा, जिस पर विश्लेषकों की इसलिए भी निगाह है क्योंकि वे देखना चाहते हैं कि जेटली इकोनॉमिक ग्रोथ को बल देने के लिए क्या-क्या उपाय करेंगे.


चर्चा है कि शेयरों में निवेश से होने वाले पूंजीगत लाभ पर कर छूट समाप्त हो सकती है. यह भी देखना होगा कि क्या जेटली कॉरपोरेट कर में कमी लाने के अपने वादे को पूरा करते हैं या नहीं. फिर इनकम टैक्‍स छूट लिमिट के साथ 80सी में भी बदलाव किया जा सकता है. जानकारों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने के लिए प्रोत्साहनों की घोषणा हो सकती है तो आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप के लिए कुछ घोषणाएं हो सकती हैं.देखिए सोशल मीडिया में लोग बजट को लेकर क्या कह रहे हैं:










Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/8PUQB9gG3eY/story01.htm

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