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केरल विधानसभा में मंत्रियों, विधायकों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विपक्ष के नेता और चीफ व्हिप के वेतन तथा भत्ते बढ़ाने संबंधी एक विधेयक पारित हो गया है. इससे अब इनके वेतन तथा भत्तों में करीब दोगुना बढ़ोत्तरी हो जाएगी. बढ़ा हुआ वेतन व भत्ता 1 अप्रैल से प्रभावी होगा.इसके साथ ही मंत्रियों और अन्य के वेतन एवं भत्ते 55,000 रुपए से बढ़कर 90,500 रुपये हो जाएंगे और विधायकों के 39,500 रुपए से बढ़कर 70,000 रुपए हो जाएंगे. न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे एम जेम्स आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन एवं भत्तों में बदलाव के लिए यह विधेयक लाया गया. इससे पहले वर्ष2012 में वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी की गई थी.
पिछले कुछ दिनों में अन्य राज्यों में भी विधायकों के वेतन में इसी तरह की वृद्धि की गई. पिछले साल तेलंगाना में विधायकों के वेतन भत्ते में 163 प्रतिशत की वृद्धि करके इसे करीब ढाई लाख रुपये प्रति माह कर दिया गया था. उसी वक्त तेलंगाना के मुख्यमंत्री का वेतन 2 लाख 44 हज़ार प्रति माह से बढ़ाकर 4 लाख 21 हज़ार कर दिया गया था. तमिलनाडु विधानसभा ने भी पिछले साल जुलाई में विधायकों के वेतन करीब दो गुना बढ़ा दिया था. राजधानी दिल्ली में विधायकों का वेतन भत्ता 2.1 लाख रुपये प्रति माह है. इसके बाद उत्तर प्रदेश में विधायकों का वेतन करीब 1 लाख 87 हज़ार रुपये प्रति माह है.
वेतन के अलावा कार्यकाल पूरे होने पर विधायकों के लिए पेंशन व अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान है. अभी तक त्रिपुरा में विधायकों का वेतन सबसे कम है.ये भी पढ़ेंः
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