Friday, 27 October 2017

मेरे पास राजेश मूणत का सेक्स टेप, इसीलिए हुई गिरफ्तारीः विनोद वर्मा


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छत्तीसगढ़ के मंत्री के कथित सेक्स सीडी मामले में गिरफ्तार वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है. वर्मा का कहना है कि उनके पास राजेश मूणत का सेक्स टेप है जिसका वह खुलासा करने वाले थे.न्यूज 18 से बातचीत में विनोद वर्मा ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि उनके पास मूणत का सेक्स टेप है और इसीलिये छत्तीसगढ़ सरकार उनसे नाखुश है. वर्मा ने साफ किया कि उनके पास वह टेप सिर्फ एक पत्रकार होने की हैसियत से है. उन्होंने बताया कि उनके पास पेन ड्राइव है, उनका सीडी से कोई लेना देना नहीं है.


मुंह दबाकर बोलने से रोका
इससे पहले इंदिरापुरम थाने से कोर्ट के लिए निकलते वक्त विनोद वर्मा ने मीडिया को मामले से जुड़ी जानकारी देने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. एक वीडियो में पुलिस की टीम विनोद  वर्मा का मुंह दबाकर उन्हें गाड़ी में बिठाती दिख रही है. इस दौरान विनोद वर्मा कहने की कोशिश कर रहे थे कि उनके पास छत्तीसगढ़ के एक मंत्री की सीडी है.




गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में  उनसे कई घंटे पूछताछ की गई. पुलिस कुछ ही देर में उन्हें कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी. बता दें कि वर्मा एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्य भी हैं.


पुलिस के मुताबिक, विनोद वर्मा के वैभव खंड स्थित घर से 2 लाख रुपये और तकरीबन 500 सीडी बरामद की गई हैं. उनके खिलाफ रायपुर के पंडरी थाने में आईपीसी की धारा 384 और 507 के तहत मामला दर्ज किया गया है.


छत्तीसगढ के गृह मंत्री राम सेवक पैकरा ने न्यूज़ 18 इंडिया से कहा कि पत्रकार विनोद वर्मा के ख़िलाफ़ पुलिस में रिपोर्ट हुई है. सीडी किस तरह का है ये जांच का विषय है. सरकार किसी के दबाने का प्रयास नहीं करती. जांच के बाद जो भी निष्कर्ष आयेगा कार्रवाई होगी.


बिहार के पूर्व डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी को प्रेस की आजादी पर हमला बताया है.



क्या है मामला
रायपुर पुलिस के मुताबिक 26 अक्टूबर को प्रकाश बजाज नाम के एक व्यक्ति ने रायपुर के पंडरी पुलिस में फोन पर धमकी देने की शिकायत दर्ज की थी. आवेदक ने अपनी शिकायत में लिखा, ” फोन पर ‘तुम्हारे आका का अश्लील वीडियो हमारे पास है’ कहकर धमकाया गया और इसके एवज में पैसे की मांग की गई. पैसा नहीं देने पर सीडी वितरित करने की धमकी दी गई.”


इस शिकायत के बाद रायपुर की पंडरी पुलिस ने आईपीसी की धारा 384, 507 के तहत मामला दर्ज किया और प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई. क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान दिल्ली के एक वीडियो संचालक के बारे में जानकारी मिली. पुलिस कहती है कि वीडियो संचालक से पूछताछ में विनोद वर्मा द्वारा 1000 सीडी बनवाने की जानकारी मिली. वीडियो संचालक की निशानदेही पर विनोद वर्मा के गाजियाबाद स्थित घर में दबिश दी गई. वर्मा के घर से 500 सीडी और पेन ड्राइव जब्त की गईं. वर्मा के पास से एक लैपटॉप और डायरी भी जब्त की गई है.

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