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पंजाब में चुनाव हो चुके हैं और कांग्रेस की सरकार बने भी 6 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन चुनाव के दौरान जो बयानों की जंग नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली दल के सीनियर लीडर बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच शुरू हुई थी वो अब भी जारी है.चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू ने लगातार जनता के बीच में बयान दिए थे. उन्होंने कहा था कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया को जेल भेजा जाएगा. उस वक्त सिद्धू ये आरोप लगाते थे कि बिक्रम सिंह मजीठिया ही पंजाब में नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं. साथ ही करप्शन के कई आरोप भी सिद्धू ने चुनाव प्रचार के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया पर लगाए थे.
चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच बयानों की जंग भी छिड़ी रही थी और ये जंग अब सरकार बनने के 6 महीने बाद भी जारी है. चुनाव के नतीजे आए कांग्रेस को पंजाब में भारी जीत मिली और नवजोत सिंह सिद्धू को कैबिनेट मिनिस्टर बनाया गया.
बुधवार को नवजोत सिंह सिद्धू अकाली दल और बिक्रम सिंह मजीठिया के गढ़ माने जाने वाले अमृतसर के मजीठा विधानसभा क्षेत्र पहुंचे. सिद्धू आए तो थे गुरदासपुर में हुए लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस की भारी जीत के लिए मजीठा के कांग्रेसी नेताओं को शुक्रिया कहने, लेकिन यहां पर आने के बाद उन्होंने एक बार फिर से बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ बयानबाजी की.उन्होंने और दावा किया कि वो जल्द ही बिक्रम सिंह मजीठिया को जेल भेज कर रहेंगे और मजीठिया पर जो करप्शन के आरोप लगते रहे हैं वो उसकी जांच करवा रहे हैं. अगर ये आरोप साबित हुए तो जनता के पैसे की पाई-पाई भी मजीठिया से वसूली जाएगी. नवजोत सिंह सिद्धू ने मजीठिया के गढ़ और विधानसभा क्षेत्र मजीठा से ही मजीठिया के खिलाफ एक अभियान शुरू करने का ऐलान कर दिया.
वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू ने अभी ये बयान दिया ही था कि ठीक एक दिन बाद गुरुवार को पंजाब के जालंधर में एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ कर दिया कि पिछली सरकार के किसी भी नेता के खिलाफ तभी कार्रवाई की जाएगी, जब कोई ठोस सबूत मिलेगा और बिना सबूत के किसी को जेल नहीं भेजा जा सकता है.
नवजोत सिंह सिद्धू के लिए ये कैप्टन का बयान एक बड़ा झटका देने वाला है, क्योंकि सिद्धू कई सार्वजनिक मंच से ये बात साफ कर चुके है कि वो मजीठिया को जेल जरूर भेज कर रहेंगे. लेकिन, कैप्टन ने साफ कर दिया कि जब तक पिछली सरकार के किसी भी मंत्री पर लगे आरोपों की जांच पूरी नहीं हो जाती और पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक किसी को भी जेल में नहीं डाला जा सकता है.
जुबानी जंग के बीच मजीठा से विधायक और अकाली दल के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी नवजोत सिंह सिद्धू को जवाब दिया, लेकिन जवाब देने के दौरान वो शब्दों की मर्यादा भूल बैठे. बिक्रम सिंह मजीठिया ने सिद्धू को चुनौती भी दी कि वो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए और ये साबित करें कि उन्होंने किस तरह का भ्रष्टाचार कर रखा हैं. कुल मिलाकर नवजोत सिंह सिद्धू और बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच बयानों की जंग, जो चुनाव के वक्त शुरू हुई थी वो अब भी जारी है.
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