Sunday, 29 October 2017

कश्मीर मुद्दे पर PM का हमला- पाक की भाषा बोल रही है कांग्रेस


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की टिप्पणी को लेकर रविवार को कांग्रेस पर करारा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शर्मनाक ढंग से यू टर्न ले रही है और कश्मीर की आज़ादी के लिए आवाज़ उठा रही है तथा पाकिस्तान की भाषा बोल रही है.कई दशकों तक जम्मू-कश्मीर में राज करने वाली और अब मुख्य विपक्ष में बैठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस बीच, एक प्रस्ताव पारित किया और जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता को इसके मूल आरंभिक स्वरूप में पुन: बहाल कराने के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प किया.


इसने भारत और पाकिस्तान दोनों से कहा कि वो कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए ‘सतत एवं समग्र’ वार्ता शुरू करें. मोदी की तीखी टिप्पणी तब आई है जब एक दिन पहले कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को वृहतर स्वायत्तता देने का पक्ष लिया था.


प्रधानमंत्री ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार देश की एकता और अखंडता से समझौता नहीं करेगी.मोदी ने कहा, ‘जो कल तक सत्ता में थे, सभी ने अचानक यू टर्न ले लिया है. वो शर्मनाक ढंग से बयान दे रहे हैं और कश्मीर की आज़ादी के लिए आवाज़ उठा रहे हैं.’ चिदंबरम का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं हैरान हूं कि ये बात वो लोग कह रहे हैं जो केंद्र में थे, जिनके पास देश की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का दायित्व था.’ मोदी ने कहा कि देश को कांग्रेस से कोई उम्मीद या अपेक्षाएं नहीं हैं.


ये उल्लेख करते हुए कि सरदार पटेल ने देश की एकता के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए, उन्होंने कहा कि हज़ारों जवानों ने कश्मीर के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है.


प्रधानमंत्री ने कहा, ‘देश के सैनिकों ने मातृभूमि और कश्मीर के निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर क्षण अपना जीवन बलिदान किया है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं बेंगलुरु के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या देश को ऐसे लोगों से लाभ मिल सकता है जो हमारे सैनिकों के बलिदान पर राजनीति कर रहे हैं? उन्हें ऐसा कहने में कोई शर्म नहीं आती. कांग्रेस पार्टी को इस बयान के लिए जवाब देना होगा.’


मोदी ने कहा, ‘जिन वीर जवानों ने अपना जीवन कुरबान किया है, वो माताएं जिन्होंने देश के लिए अपने बेटों को खोया है, वो मां सवाल पूछ रही है, अपने भाई को खोने वाली बहन सवाल पूछ रही है और अपने पिता को खोने वाले बच्चे सवाल कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि लेकिन कांग्रेस ‘शर्मनाक ढंग से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही है जो कश्मीर में अलगाववादियों की ओर से इस्तेमाल की जाती है. ऐसी भाषा बोल रहे हैं जो पाकिस्तान की ओर से बोली जाती है.’ इस बात पर ज़ोर देते हुए कि ये सरदार पटेल की धरती है, मोदी ने कहा, ‘हम देश की एकता और अखंडता से समझौता नहीं करेंगे और हम ये नहीं होने देंगे.’


पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री चिदंबरम ने चुनावी राज्य गुजरात के राजकोट में शनिवार को कहा था, ‘कश्मीर घाटी में मांग धारा 370 का अक्षरश: सम्मान करने की है जिसका मतलब है कि वो वृहतर स्वायत्तता चाहते हैं.’ प्रधानमंत्री की ओर से हमला किए जाने पर चिदंबरम ने नयी दिल्ली में रविवार को कहा कि मोदी ने ‘भूत की कल्पना की और इस पर हमला कर रहे हैं.’


चिदंबरम ये पूछा गया था कि क्या वो अब भी सोचते हैं कि जम्मू-कश्मीर को वृहतर स्वायत्तता दी जानी चाहिए. इस पर उन्होंने कहा था, ‘हां मैं सोचता हूं.’ उन्होंने रविवार को कहा कि ये स्पष्ट है कि राजकोट में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर उनके समक्ष रखे गए सवाल का पूरा जवाब प्रधानमंत्री ने नहीं पढ़ा है.


चिदंबरम ने कहा, ‘जो आलोचना करते हैं, उन्हें पूरा जवाब पढ़ना चाहिए और मुझे बताना चाहिए कि जवाब में कौन सा शब्द गलत है. प्रधानमंत्री भूत की कल्पना करके उसपर हमला कर रहे हैं हैं.’ कांग्रेस नेता ने शनिवार को ये भी कहा था कि जम्मू-कश्मीर को इस तरह की स्वायत्तता पूरी तरह भारत के संविधान के दायरे में होगी और जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना रहेगा, लेकिन धारा 370 के तहत उसके पास व्यापक शक्तियां होंगी.


चिदंबरम ने 2016 में भी जम्मू-कश्मीर के लिए वृहतर स्वायत्तता की वकालत की थी. उन्होंने ये भी कहा था कि अन्यथा भारत को भारी कीमत चुकानी होगी. कांग्रेस ने हालांकि चिदंबरम की टिप्पणी से ये कहकर दूरी बना ली है कि किसी व्यक्ति का मत आवश्यक रूप से पार्टी का मत नहीं है.


कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और ‘ये निश्चित रूप से ऐसा ही बना रहेगा.’ इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भारत के संविधान के तहत राज्य को मूल एवं प्रारंभिक रूप में स्वायत्तता बहाली के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प किया. इस संबंध में श्रीनगर में पार्टी सम्मेलन के प्रतिनिधि सत्र में एक प्रस्ताव पारित किया गया.


इसने भारत और पाकिस्तान दोनों से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए सतत एवं समग्र वार्ता प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया. नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस सत्र में पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे.


Article source: https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/indore/on-this-day-october-18-former-indian-spinner-narendra-hirwani-born-1140990.html

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