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भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह के रास्ते अफगानिस्तान के लिए गेहूं की पहली खेप रविवार को रवाना किया. इसे नयी रणनीतिक ट्रांजिट मार्ग के संचालन के लिए एक ऐतिहासिक कदम के तौर पर देखा जा रहा.साथ ही, चाबहार बंदरगाह का इस्तेमाल शुरू होने से पाकिस्तानी मार्ग का इस्तेमाल की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके अफगान समकक्ष सलाहुद्दीन रब्बानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए गेहूं की खेप रवाना किया.
इसने एक बयान में कहा, ‘गेहूं की खेप एक ऐतिहासिक कदम है क्योंकि ये अफगानिस्तान के लिए एक विकल्प, विश्वसनीय और मज़बूत संपर्क के तौर पर चाबहार बंदरगाह के संचालन के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा.’ इस मौके पर सुषमा ने लगातार पुनर्निर्माण सहयोग, क्षमता निर्माण और अफगानिस्तान के सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रतिबद्धता दोहराई.इसमें नयी विकास साझेदारी का ढांचा के तहत ऐसा किया जाना भी शामिल है, जिसकी सुषमा और रब्बानी ने पिछले महीने भारत-अफगानिस्तान रणनीतिक साझेदारी परिषद की बैठक के दौरान संयुक्त रूप से घोषणा की थी.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सुषमा ने अफगानिस्तान में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि लाने के लिए क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ करीबी काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई. अगले कुछ महीनों में अफगानिस्तान के लिए गेहूं की छह और खेप भेजी जाएगी.
गौरतलब है कि भारत और ईरान इस बंदरगाह पर कार्य जल्द पूरा करने के लिए पहले ही प्रतिबद्धता जता चुके हैं. इस बंदरगाह से भारत, अफगानिस्तान और ईरान के बीच व्यापार बढ़ने की संभावना है.
Article source: https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/indore/on-this-day-october-18-former-indian-spinner-narendra-hirwani-born-1140990.html
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