Thursday, 2 November 2017

कोर्ट ने गूगल इंडिया को दिया सिख गुरुओं के अपमानजनक वीडियो हटाने का निर्देश


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दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कुछ वीडियोज को यूट्यूब, फेसबुक और अन्य वेबसाइटों से हटाने का आदेश दिया. इन वीडियोज में  सिख धर्म और इसके गुरुओं के खिलाफ कथित तौर पर नफरत भरे भाषणों और अपमानजनक टिप्पणी की गई थी.सिविल जज जसजीत कौर ने चैंबर में सुनवाई के दौरान एकपक्षीय निषेधाज्ञा जारी की और कहा कि प्रथमदृष्टया लगता है कि कथित तौर पर वीडियो में साक्षी भारद्वाज ने सिख गुरुओं और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं.


जी एस वाली नामक शख्स की याचिका पर एकपक्षीय निषेधाज्ञा की मांग करने वाले वकील गुरमीत सिंह के अनुसार अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार इस तरह के वीडियो डाले जाने से सिख धर्म के अनुयायी अपनी धार्मिक भावनाओं का काफी अपमान महसूस कर सकते हैं.


माना जाता है कि अदालत ने कहा कि अगर गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इस तरह के अपमानजनक वीडियो डालने से नहीं रोका गया तो सामाजिक सौहार्द्र और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.अदालत ने गूगल इंडिया प्रा लि और इसके अधिकारियों के किसी धर्म, विशेष रूप से सिख धर्म और इस धर्म के गुरुओं के खिलाफ नफरत भरे भाषणों और अपमानजनक टिप्पणियों वाले किसी भी वीडियो या लेख को अपलोड करने या प्रकाशित करने पर रोक लगा दी.


अदालत ने गूगल इंडिया को उन सभी वीडियो को हटाने का निर्देश भी दिया जिसमें साक्षी भारद्वाज हैं. सिंह ने अदालत में कहा कि नफरत भरे भाषण कई दिन से सोशल मीडिया पर चल रहे हैं और सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकते हैं.


उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि गूगल इंडिया ने अदालत के हस्तक्षेप के बिना यूट्यूब से साक्षी भारद्वाज के आपत्तिजनक वीडियो हटाने से मना कर दिया था. अदालत ने याचिका पर गूगल इंडिया और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस भी जारी किया और अगली सुनवाई के लिए 22 नवंबर की तारीख तय की.


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Article source: http://rss.cnn.com/~r/rss/edition_entertainment/~3/AsID5e3NVxA/index.html

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