Thursday, 2 November 2017

नेहरा की विदाई पर युवराज ने लिखा इमोशनल लेटर!


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टीम इंडिया और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया पहला टी20 मुकाबला नेहरा के करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था. 38 साल के आशीष नेहरा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया. टीम इंडिया ने भी नेहरा को जीत के साथ विदाई दी.कप्तान कोहली ने भी मैच का आखिरी ओवर नेहरा से कराया और टीम के सभी साथियों ने उनके नाम भावुक संदेश लिखे. युवराज सिंह ने भी अपने साथी नेहरा के लिए बेहद मार्मिक ख़त लिखा. उन्होंने लिखा:


आशीष नेहरा- अपने दोस्त के बारे में जो पहली चीज़ में कहना चाहता हूं वो है उनकी ईमानदारी. वो दिल का बहुत साफ है. शायद कोई धार्मिक किताब ही उनसे ज़्यादा ईमानदार होगी. मैं जानता हूं कि कई लोग ये पढ़कर हैरान हो जाएंगे. कई बार ऐसा होता है कि हम किसी इंसान और उनकी ज़िंदगी को लेकर आलोचनात्मक हो जाते हैं. और ऐसा अकसर मशहूर हस्तियों के साथ होता है. इसलिए आशू कई लोगों के साथ बहुत ईमानदार थे और उन्हें इसका ख़ामियाज़ा भी उठाना पड़ा. लेकिन मेरे लिए वो हमेशा से आशू या नेहराजी रहे, वो साफ दिल का इंसान, जो ख़ूब मज़ेदार है और जो हमेशा अपनी टीम की उम्मीदों पर खरा उतरा.


सौरव गांगुली, आशू को प्यार से ‘पोपट’ बुलाते थे क्योंकि वो बहुत बोलता था. इतना की आशू पानी के अंदर भी बातें कर सकता है. और वो बहुत मज़ाकिया भी हैं. मेरे सामने तो उन्हें कुछ बोलने की भी ज़रूरत नहीं, उनकी बॉडी लैंगविज ही इतनी फनी है. अगर आप आशीष नेहरा के साथ हों तो आपका दिन ख़राब नहीं जा सकता. वो बंदा आपको हंसा-हंसाकर गिरा देगा. मैंने ये बात आशू से कभी नहीं कही कि मुझे उनसे ही प्रेरणा मिली. मैंने देखा कि अगर आशू 38 की उम्र में कई इंजरी और सर्जरी के बाद भी बॉलिंग कर सकता है तो मैं भी 36 की उम्र में ये सब कर सकता हूं. सच्चाई यही है कि ये बात मुझे आज भी कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है.


आशू की 11 सर्जरी हुईं- कोहनी, हिप, एडी, उंगली, दोनों घुटनों की सरजरी हो चुकी है. लेकिन इन सबके बावजूद उनकी कड़ी मेहनत और कुछ कर दिखाने की चाह ने उन्हें खेल मेंबनाए रखा. मुझे याद है 2003 वर्ल्ड कप के दौरान उनकी एडी बुरी तरह चोटिल हो गई थी. उनके लिए इंग्लैंड के खिलाफ अगला मैच खेलना नामुमकिन था. लेकिन नेहराजी की ज़िद थी कि अगला मैच वो खेलेंगे. अंत में डर्बन के होटल स्टाफ को भी पता चल गया था कि आशू खेलने कि लिेए कितना उत्सुक है. अगले 72 छंटे उसने अपनी एडी में 30-40 बार बर्फ लगाई. टेपिंग की, पेन किलर्स खाईं और अगले दिन किसी जादू की तरह खेलने को तैयार थे. लोगों को लगा आशू को कोई चिंता नहीं लेकिन सिर्फ हम जानते थे कि उसे कितनी फिक्र थी. आशू ने 23 रन देकर 6 विकेट चटकाए और भारत ने इंग्लैंड को 82 रन से हराया.


नेहरा के पास अच्छा परिवार है. उनके दो बच्चे हैं. बेटा आरुष और बेटी अराएना. आरुष भी बॉलिंग करता है लेकिन उसका एक्शन अपने पिता से बेहतर है (भगवान का शुक्र है). आशू अपनी बैटिंग के बारे में कभी विन्रम नहीं था. मैं अपनी हंसी नहीं रोक पाता जब वो बेशर्मी से अपनी बैटिंग को लिजेंड्री कहता है. सिर्फ यही नहीं वो ये भी कहता है कि अगर वो एक बल्लेबाज़ होता तो 45 की उम्र तक खेलता. लेकिन कौन जानता है, ये उसका आखिरी मैच है, उसके होमग्राउंड पर, सारी दुनिया देख रही है, क्या पता वो मैच जिताऊ पारी खेले. मुझे इस बात का यकीन है कि मैं अकेला नहीं हूं जो आशू के करियर की पर्फेक्ट एंडिंग चाहता है.


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/edmc-mayor-will-run-for-fund-in-delhi-to-demand-money-from-delhi-government-1153876.html

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