Friday, 2 March 2018

कार्ति को हिरासत में नहीं मिला घर का खाना, तो की 'स्विगी-ज़ोमैटो' की फरमाइश


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आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तार कार्ति चिदंबरम को दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने पांच दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया है. कोर्ट ने कार्ति को सीबीआई हिरासत के दौरान अपने वकील से मिलने और डॉक्टर की बताई दवाई ले जाने की इजाजत तो दे दी, लेकिन घर का खाना मुहैया कराने की मांग खारिज दी.सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में पूछताछ के दौरान कार्ति की अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई. इस दौरान कार्ति ने चिढ़ाते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि आपके जांच अधिकारियों के खाना ऑर्डर के लिए स्विगी और जोमैटो तो होगा. मैं इसका (हिरासत) पूरा लुत्फ लेना चाहता हूं.’ वहीं जब सीबीआई अधिकारियों ने इससे इनकार किया तो कार्ति ने उलटे कहा, ‘तो फिर आप स्विगी या ज़ोमैटो लेकर आएं.’


छह दिन की सीबीआई हिरासत में कार्ति
दरअसल पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति को सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट में हिरासत में लिया था. केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को कार्ति को कोर्ट में पेश किया और उन्हें 14 दिन की हिरासत में देने की मांग की.  हालांकि कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों को सुनने के बाद कार्ति को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया.जब चिदंबरम ने कार्ति से कहा- चिंता मत करो बेटे, मैं हूं ना!
कार्ति की कोर्ट में पेशी के दौरान उनके पिता पी. चिदंबरम और मां नलिनी चिदंबरम भी मौजूद थे. ये दोनों ही वरिष्ठ वकील हैं. इस दौरान उन्हें कार्ति से बातचीत करते हुए देखा गया. इस दौरान चिदंबरम ने अपने बेटे की पीठ पर हाथ रखकर उनको हौसला दिया और कहा, ‘चिंता मत करो बेटा, मैं यहां हूं.


बता दें कि इससे पहले कार्ति ने सांस लेने में परेशानी की थी, जिसके बाद सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें हार्ट अटैक देखभाल इकाई में भेज दिया था. इसके बाद गुरुवार सुबह ही उन्हें सीबीआई के दफ्तर लाया जा सका. इस मामले में सीबीआई की तरफ से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा जांच एजेंसी को कार्ति की हिरासत बुधवार शाम साढे सात बजे मिली जबकि वह अस्पताल से गुरुवार सुबह ही वापस निकले. ऐसे में मिली उनकी एक दिन की हिरासत करीब- करीब बेकार ही रही.


‘कार्ति के खिलाफ चौकाने वाले सबूत’
अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ने कहा, ‘कार्ति के खिलाफ काफी चौंकाने वाले सबूत मिले हैं कि उन्होंने विदेश जाकर क्या किया.’ उन्होंने कहा, ‘जब वह (कार्ति) विदेश में गए थे तो उन्होंने वहां उन बैंक खातों को बंद कर दिया जिनमें धन प्राप्त हुआ था.’ उन्होंने कहा कि इन तथ्यों के बारे में पूछताछ के लिए कार्ति को 14 दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा जाना चाहिए.


उधर कार्ति की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मई 2017 की FIR के संबंध में सीबीआई ने पिछले साल अगस्त में करीब करीब 22 घंटे का समय बिताया और उसके बाद एजेंसी ने आज तक कोई नया समन जारी नहीं किया गया. इससे पता चलता है कि एजेंसी के पास पूछने के लिए और कुछ नहीं है.


वहीं कार्ति ने दलील दी कि,


‘असहयोग की बात साबित करने के लिए समन जारी करना ही एकमात्र रास्ता है. आपने मेरे असहयोग को कभी परखा ही नहीं. अचानक छह महीने बाद गिरफ्तार कर लिया. यह बड़ी विचित्र बात है कि जैसे ही मैं विमान से बाहर निकला मुझे गिरफ्तार कर लिया गया.’


सिंघवी ने कहा, ‘कार्ति के खिलाफ कोई सबूत नहीं है. अदालत के आदेशों का लगातार पालन करने के बावजूद उसे गिरफ्तार किया जा रहा है.’ सिंघवी ने राजनीतिक द्वेष का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि अगर कार्ति ने विदेश में कुछ अवैध किया है तो सीबीआई ने उस अदालत के समक्ष अवमानना याचिका दाखिल क्यों नहीं की, जिस अदालत ने उसे विदेश जाने की अनुमति दी है. हालांकि अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ने कहा कि ‘यह राजनीतिक विद्वेष का मामला नहीं है.’ इसमें संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जांच की कारवाई की जा रही है.


बता दें कि यह मामला आईएनएक्स मीडिया में विदेशी शेयर पूंजी के निवेश को मंजूरी में गड़बड़ी से जुड़ा है. यह मंजूरी 2007 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने दी थी. उस समय कर्ति के पिता यूपीए सरकार के वित्त मंत्री थे. जांच एजेंसी ने पिछले साल मई में इस मामले में FIR दायर की थी.


पढ़ें- INX मीडिया केस में कार्ति को 5 दिन की CBI हिरासत


Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/desh/handwritten-postcard-tributes-abdul-kalam-birthday-missile-man-417685.html

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