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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर बवाल मच गया है. राज्य में पार्टी के बड़े नेता अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं. लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने इसका विरोध किया है. लिहाजा पार्टी ने विवाद सुलझाने के लिए अध्यक्ष राहुल गांधी के पाले में गेंद डाल दी है.कांग्रेस पार्टी की ये लिस्ट न्यूज़ 18 के पास मौजूद है. इस लिस्ट में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉक्टर यथेन्द्र, गृह मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी, सात बार कोलार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री केएच मुनियप्पा की बेटी रूपा, कांग्रेस के पूर्व दिग्गज बी शंकरानंद के दामाद सिंधे भीमसेन राव, पार्टी के वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा के बेटे निवेदित अल्वा और कुछ दूसरे नेताओं के रिश्तेदार के नाम शामिल हैं.
सूत्रों के मुताबिक एक दो दिन में इस लिस्ट को राहुल गांधी की मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा. कम के कम 15 मंत्री अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट लेने की जुगाड़ में लगे हैं.
पार्टी के कई पुराने कार्यकर्ताओं ने खुलेआम इसका विरोध किया है. इनका मानना है कि पार्टी में भाई भतीजावाद काफी ज्यादा हो रहा है जिसका नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है.पिछले हफ्ते टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग में हंगामा भी हुआ था. पूर्व मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली और पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ एचसी महादेवप्पा के बीच जम कर झगड़ा हुआ था. दरअसल वीरप्पा मोइली उदोपी जिले के कर्कला से अपने बेटे हर्ष मोईली के लिए टिकट की मांग कर रहे थे.
वीरप्पा मोइली ने ट्वीट करते हुए कहा था कि कर्नाटक में आगामी चुनाव में पार्टी टिकट को लेकर निर्णय लेने में रुपये की भूमिका होगी. हालांकि बाद में उन्होंने इस ट्वीट को पोस्ट करने की बात से इनकार किया था. इस घटना के बाद उन्होंने अपने बेटे हर्ष मोईली का नाम वापस ले लिया था.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चाह रहे हैं कि उनके बेटे को मैसूर जिले में वरुणा से टिकट दिया जाए. सिद्धारमैया ने अपनी पुरानी सीट, चामुंडेश्वरी से चुनाव लड़ने का फैसला किया है ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि उनके बेटे के लिए जीत आसान हो.
इसी तरह रामलिंगा रेड्डी दक्षिण बेंगलुरु के जयनगर से अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे हैं. केएच मुनियाप्पा की बेटी की नज़र कोलार गोल्ड फील्ड सीट पर है.
मार्गरेट अल्वा के सबसे छोटे बेटे निवेदिथ अल्वा उत्तरी कन्नड़ जिले में सिरसी सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. राजस्थान और उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल मार्गरेट अल्वा पहले ही विधानसभा चुनाव और 2014 लोकसभा चुनाव में अपने बेटे को टिकट नहीं मिलने से नाराज़ रही हैं.
इम मुद्दे पर सिद्धारमैया ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि रिश्तेदारों के लिए टिकट लेने में कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा ”जीत जरूरी है. लेकिन हाईकमान ही आखिरी फैसला लेंगे.
कर्नाटक में बीजेपी और जेडीएस का भी यहा हाल है. यहां भी नेता अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं.
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