Friday, 27 October 2017

डिजिटल इंडिया पर निर्भर है देश की अर्थव्यवस्था का भविष्य- राष्ट्रपति कोविंद


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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का भविष्य काफी हद तक डिजिटल इंडिया में राष्ट्र को हासिल हुई सफलता पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी न केवल स्वयं में महत्वपूर्ण है बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था में गति लाने वाली है. सूचना प्रौद्योगिकी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन क्षेत्र में गेम चेंजर की भूमिका अदा की है.केरल सरकार की महत्वाकांक्षी टेक्नोसिटी परियोजना की शुरूआत करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि आने वाले कल की नौकरियां ज्यादातर डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट से हासिल किये जाने वाले दूसरे अवसरों से आयेंगी. राष्ट्रपति ने कहा  कि सूचना प्रौद्योगिकी न केवल स्वयं में महत्वपूर्ण है बल्कि पूरी सेवा अर्थव्यवस्था के लिए कार्य में गति लाने वाली है.


यह क्षेत्र केरल की शक्ति हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टेक्नोसिटी के विकास से केरल के लोगों को नए क्षेत्र मिलेंगे. राष्ट्रपति ने कहा कि केरल डिजिटल इंडिया के लिये संभावित ऊर्जा केंद्र है, मैं समझता हूं कि सरकार डिजिटल खाई पाटने और नये ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए 20 लाख गरीब परिवारों को इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करने के लिए प्रयास कर रही है .


राष्ट्रपति ने कहा कि दक्षिणी राज्य का आईटी सेक्टर बढ़ रहा है और यह अन्य सभी भारतीय राज्यों में आईटी और आईटी आधारित सेवा कंपनियों द्वारा निर्यात के हिसाब से आठवें स्थान पर है. उन्होंने कहा, आईटी सेक्टर ने केरल में प्रत्यक्ष तौर पर एक लाख लोगों को रोजगार दिया है . यह बस शुरूआत है. इन संख्याओं के बढ़ने की असीम क्षमता है.उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा और कौशल में केरल की ताकत और सेवा क्षेत्र में राज्य के लोगों का अनुभव और उपभोक्ता आधारित उद्योगों ने इसे आईटी इको सिस्टम के लिए स्वाभाविक बना दिया है. साथ ही कहा कि वह आश्वस्त हैं कि प्रौद्योगिकी का जल्द विकास इस प्रक्रिया को और तेज करेगा.


उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आईटी क्षेत्र में इस दक्षिणी राज्य द्वारा हासिल की गयी उपलब्धियों की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने इथियोपिया के अपने हालिया दौरे का उल्लेख किया जहां बड़ी संख्या में केरलवासी अध्यापन कार्य में जुटे हैं . उन्होंने कहा कि इथियोपिया में जहां भी मैं गया और जिससे भी बात हुयी, हर जगह भारतीय स्कूली शिक्षकों का उल्लेख किया गया, उनमें से कई अध्यापकों को इथियोपिया में खूब याद किया जाता है , मुझे जानकर खुशी हुयी कि वे केरल के हैं .


यह उल्लेख करते हुए कि देश और देश के बाहर के कई अस्पताल और चिकित्सा केंद्र केरल की सेवा करती ‘सिस्टर्स’ के बिना काम नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य देखरेख करने वाले कर्मचारी, महिला और पुरूष दोनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग है.


कोविंद ने कहा केरल के हमारे भाइयों और बहनों की कड़ी मेहनत के बिना संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी के अन्य देशों की आर्थिक हालत वर्तमान स्थिति जैसी नहीं होती. राष्ट्रपति ने तिरुवनंतपुरम में टेक्नोसिटी परियोजना लांच की और टेक्नोसिटी में पहले सरकारी भवन के लिए आधारशिला रखी.


इस मौके पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, राज्यपाल पी सदाशिवम, राज्य मंत्री कडकाम्पल्ली सुरेंद्रन और प्रदेश सरकार के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे. यहां के पल्लीप्पुरम में करीब 400 एकड़ के परिसर में टेक्नोसिटी बनाई जा रही है जिसका उद्देश्य इस संबंध में तेजी से उभरती उच्च गुणवत्ता वाली तकनीक, शोध और विकास को बढ़ावा देना है. सरकारी आईटी इमारत के बन जाने से इस टेक्नोसिटी से एक लाख अतिरिक्त रोजगार सृजित होने की संभावना है.


Article source: http://www.jagran.com/uttar-pradesh/meerut-city-16159300.html

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