Sunday, 29 October 2017

यहां मरीजों को मिलते हैं जीवनसाथी


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कहते हैं जोड़े आसमान में बनते हैं. लेकिन जमीन पर ढूंढने के बाद भी न मिलें तो मुश्किल होती है. कुछ यही हाल गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों का भी है, जिनकी हमसफर की तलाश इसलिए लंबी हो जाती है क्‍योंकि वे बीमारी हैं. लेकिन मरीजों के इस अकेलेपन को खत्‍म करने का काम कर रही है ‘डिवाइन रिलेशंस’.किडनी ट्रांस्‍प्‍लांट, कैंसर, लिवर ट्रांस्‍टप्‍लांट जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों की जोड़ियां बना रही ‘डिवाइन रिलेशंस’ एक मेट्रीमोनियल साइट कम एंड्रॉयड मोबाइल एप्‍लीकेशन है. जिसे कानपुर के विवेक शर्मा और उनके सा‍थियों ने मिलकर बनाया है.


जमीन पर जोडि़यां बना रही यह वेबसाइट अन्‍य किसी भी मेट्रीमोनियल साइट से इसलिए अलग है क्‍योंकि यह सिर्फ और सिर्फ रोगियों के लिए बनाई गई है. इसमें गंभीर बीमारियों से जूझ रहे वे लोग अपना रिश्‍ता ढूंढते हैं जो समाज की नजर में रोगी हैं या उपेक्षित हैं.


मेट्रीमोनियल साइट, मरीज


इस मेट्रीमोनियन साइट पर सिर्फ मरीज ही रजिस्‍ट्रेशन कराते हैं और अपने लिए जीवनसाथी ढूंढते हैं. वर्तमान में इस साइट पर 250 मरीज रजिस्‍टर्ड हैं और सभी सक्रिय हैं.

मरीजों को यह अनोखा प्‍लेटफॉर्म देने वाले विवेक शर्मा बताते हैं कि 4 नवंबर 2016 में मुंबई में लॉन्च हुई यह वेबसाइट कुछ महीने तक लगभग ठप रही. लोगों ने कोई रुचि नहीं दिखाई. लेकिन धीरे-धीरे यह मरीजों के बीच में पहुंची और लोगों ने यहां रजिस्‍टर करना शुरू किया. जुड़ते-जुड़ते आज 250 लोग इस वेबसाइट पर बातचीत कर रहे हैं. कई लोग अपने जीवनसाथी को चुन भी चुके हैं और बातें शादी की स्‍टेज तक पहुंच गई है.


इस मेट्रीमोनियल साइट पर ज्‍यादातर मरीज कैंसर और ट्रांस्‍प्‍लांट वाले हैं. हिना (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि उन्‍हें कैंसर था, इलाज के बाद उन्‍हें कैंसर से लगभग निजात मिल गई, लेकिन जिंदगी में खलिश भी भर गई. उनका शादी का रिश्‍ता टूट गया. कई लोगों ने कैंसर रोगी होने के कारण शादी से इनकार कर दिया. लेकिन अब डिवाइन रिलेशंस पर उनके जैसे कई लोग हैं, जो इन बीमारियों से जूझ चुके हैं और अब नया जीवन शुरू करना चाहते हैं.


वे कहती हैं कि जीवन खत्‍म नहीं हुआ. वे अपने जोड़ीदार के साथ नई शुरूआत करना चाहती हैं और डिवाइन रिलेशंस पर मिले लोगों में से एक उन्‍हें पसंद भी है. लिहाजा जल्‍द ही वे इस खशुनुमा जीवन में कदम रखेंगी.


इस साइट को बनाने में सहयोग दे रहे सुशील दुग्‍गर श्‍वेता शर्मा और अनुपम कुमार कहते हैं कि जैसे-जैसे लोग इस वेबसाइट से जुड़ते हैं, उन्‍हें बेहद सुकून मिलता है. आज न केवल मुंबई बल्कि दिल्‍ली, कोलकाता, नोएडा, चेन्‍नई, बंगलुरू, मंगलौर, पुणे, नागपुर आदि जगहों से लोग इसमें जुड़े हैं और लगातार बातचीत कर रहे हैं.



अपने लिए हमसफर तलाशने से पहले मरीज यहां अपनी पूरी जानकारी यहां दर्ज करते हैं. इसमें धर्म से लेकर पहले शादी की है या नहीं भी शामिल होता है. वहीं अपनी रुचियां भी लोग यहां दर्ज करते हैं.

ऐसे बनती हैं जोडि़यां
इस साइट पर मरीज खुद को रजिस्‍टर करते हैं. इसके बाद यहां से मिले लॉग इन आईडी और पासवर्ड से अकाउंट खोलते हैं और अपना मैच देखकर बातचीत करते हैं. यह अन्‍य मेट्रीमोनियल वेबसाइट की तरह ही परफैक्‍ट मैच के नोटिफिकेशन भी भेजता है. ये लोग आपस में फोन नंबर का आदान-प्रदान भी कर लेते हैं और इस वेबसाइट के साथ ही फोन से भी बातें करते हैं और रिश्‍ते में ढलते हैं.


इन रोगों के रोगी हैं शामिल
इस मेट्रीमोनियल साइट में कैंसर, किडनी, डायबिटीज, टीबी, लिवर ट्रांस्‍प्‍लांट, ब्‍लड कैंसर, ब्रेस्‍ट कैंसर से पीडि़त और उबर चुके मरीज रजिस्‍टर्ड हैं. विवेक शर्मा कहते हैं कि वे भी मेडिकल फील्‍ड से जुड़े हैं, ऐसे में इस बात की भी जानकारी है कि इन मरीजों के आपस में शादी करने से इनके भावी जीवन में कोई समस्‍या नहीं होगी और ये सुखी जीवन जी सकते हैं.


ऐसे आया आइडिया
फाउंडर विवेक शर्मा कहते हैं कि वे फार्मासिस्‍ट हैं और कई बार उनके सामने ऐसे मामले आए. एक बार वे अपने नेफ्रॉलॉजिस्‍ट दोस्‍त के साथ बैठे थे तो उसने कहा कि आजकल ऐसे मरीज आते हैं कि इलाज भी करवाते हैं और कहते हैं कि उनके लिए कोई मैच बताएं. अब क्‍या डॉक्‍टर ये काम भी करे.


जब विवेक ने यह सुना तो एकाएक दिमाग में आइडिया आया. एक और डॉक्‍टर दोस्‍त से बात करने के बाद उन्‍होंने वेबसाइट बनाने की सोची और फिर डिवाइन रिलेशंस वेबसाइट और मोबाइल एप्‍लीकेशन के रूप में सामने आ गया.


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/6-female-officers-team-of-indian-navy-to-go-for-world-tour-1081358.html

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