Tuesday, 28 November 2017

त्रिपुरा में इस तरह दिखेंगी भारत माता, बीजेपी ने बनाई ये योजना


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अगले साल मार्च से पहले त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में बीजेपी वहां तैयारी में लग गई और चुनावी रणनीति बनाने लगी है. आमतौर पर ‘भारत माता’ साड़ी पहने, मुकुट लगाए और हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लिए चित्रित होती हैं. लेकिन राज्य में बीजेपी चार प्रमुख जनजातियों के परंपरागत वेशभूषा में भारत माता का चित्रण कर रही है.बीजेपी उत्तर-पूर्वी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है. ऐसे में बीजेपी हर जनजाति के लिए भारत माता की विशेष फोटो लेकर आने की तैयारी कर रही है. यानी राज्य की चार प्रमुख जनजाति देबबर्मा, त्रिपुरी/त्रिपुरा, रियांग और चाकमा जनजाति जैसा पोशाक पहनती हैं, ठीक उसी तरह का पोशाक पहने हुए भारत माता को दिखाया जा सकता है.


बता दें कि राज्य में दबबर्मा, त्रिपुरी/त्रिपुरा, रियांग और चाकमा जनजाति की कुल आबादी राज्य की आबादी की 77.8 फीसदी है. राज्य में त्रिपुरी/त्रिपुरा जनजाति के 5.48 लाख (2001 सेंसस) है, जो कि 54.7 फीसदी है. साल 2001 के सेंसस के मुताबिक, रियांग वहां दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है. इनकी संख्या 1.64 लाख है जो कि पूरी आबादी का 16.6 फीसदी है. वहीं, चाकम 61, 793 हैं, जो कि पूरी आबादी का 6.5 फीसदी हैं.


इस बारे में बीजेपी के त्रिपुरा प्रभारी सुनील देवधर ने कहा, संघ का मानना रहा है कि देश को जोड़ने के लिए भारत माता से अच्छा प्रतीक कोई नहीं है. लेकिन देश में खान-पान और पहनावे की विविधता इतनी है कि सुदूर अंचल की जनजाति उससे एकरूपता नहीं स्थापित कर पाती. इसीलिए त्रिपुरा में रहने वाले दबबर्मा जनजाति की वेशभूषा में भारत माता का चित्र बनाया गया है. इसमें कोई बुराई नहीं है. यह देश को जोड़ता है

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