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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विद्यालय स्तर (स्कूल स्तर) पर बाल यौन उत्पीड़न के मामलों से निपटने की रणनीति बनाने के लिए विभिन्न एनजीओ और नागरिक समाज समूहों से सम्पर्क किया है. ऐसे मामलों के बढ़ने से देश में चिंता बढ़ गई है.यह कदम दिल्ली के एक प्रमुख स्कूल में चार वर्षीय एक बच्ची से स्कूल के एक छात्र द्वारा कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने की घटना के बाद आया है.
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कई नियम और दिशानिर्देश पहले से हैं लेकिन इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमें बच्चों से यौन उत्पीड़न होता है. इस मुद्दे से सामान्य ‘गुड टच…बैड टच’ पाठ से आगे जाकर निपटने की जरूरत है.’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘कई एनजीओ और नागरिक समाज समूहों के साथ चर्चाएं शुरू हो गई हैं और हम उम्मीद करते हैं कि इस बारे में कुछ सुझाव जल्द ही आएंगे कि समस्या से विद्यालय स्तर पर कैसे निपटा जा सकता है.’’ गत सप्ताह के एक मामले में स्कूल प्रशासन की भूमिका जांच के घेरे में हैं. लड़की की मां ने पुलिस से सम्पर्क करके आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री को एक सहपाठी ने ‘‘अनुचित तरीके से छुआ.’’मां के अनुसार बच्ची ने स्कूल से आकर अपने गुप्तांग में दर्द की शिकायत की. उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उससे यौन उत्पीड़न की पुष्टि की.
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