Monday, 27 November 2017

पत्‍नी के मना करने के कारण राज्‍यसभा नहीं गए रघुराम राजन


READ MORE

राजनीति में आने की अटकलों को खारिज करते हुए पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने विराम लगा दिया है. उन्होने कहा है कि वह प्रोफेसर हैं और इस तरह के काम में वह खुश हैं. हालांकि, आम आदमी पार्टी से राज्यसभा में जाने के ऑफर पर उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया.उन्होंने कहा, ‘जब मैं आरबीआई में था तो लोग चाहते थे कि मैं आईएमएफ में वापस चला जाऊं. जब मैं वापस प्रोफेसर बन गया तो लोग चाहते हैं कि मैं कहीं और चला जाऊं. एक प्रोफेसर के रूप में मैं बहुत खुश हूं. मेरे पास दिमाग है जो दिन में कई घंटे काम करता है. यह एक नौकरी है, जिसे मैं पसंद करता हूं.’


राजनीति में आने की संभावना पर राजन ने कहा, ‘इसका जवाब ‘ना’ है. राजनीति के मुद्दे पर मेरी पत्नी ने स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहा है.’


बता दें कि ऐसी खबरें थी कि आप ने राजन को दिल्ली से राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया था.राजन ने ‘लोकलुभावन राष्ट्रवाद’ को आर्थिक विकास के लिए हानिकारक बताया. उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर यह बहुसंख्यक समुदाय में भेदभाव को लेकर उन्हें उत्तेजित करता है. उन्होंने कहा कि लोकलुभावन राष्ट्रवाद का झूठ दुनियाभर में है और भारत इससे बचा हुआ नहीं है.’


राजन ने आगे कहा, ‘लोकलुभावन राष्ट्रवाद आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाता है. यह अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है क्योंकि ये बांटनेवाला है. यह भेदभाव को लेकर बहुसंख्यक समुदाय में सनसनी फैलाता है. यह भारत सहित पूरी दुनिया में है. लोग शिकायत की इस भावना का फायदा उठाते हैं. देश में आरक्षण का मुद्दा इसका एक उदाहरण है.’


Article source: http://www.jagran.com/bihar/gaya-16371095.html

No comments:

Post a Comment