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मुंबई में विपक्ष ने आरोप लगाया है कि पालिका में शिवसेना को किसी के इजाजत की जरूरत नहीं है. पालिका को बायपास करके आयुक्त ने रूफटॉप पॉलिसी के प्रस्ताव को मंजूर किया है. ये सब शिवसेना के दबाव में हुआ है.रूफटॉप होटल पॉलिसी का प्रस्ताव युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे की ओर से सभागृह में रखी गई थी. इसके लिए आदित्य इस नीति के लागू करने के लिए लंबे समय से कोशिश कर रहे थे. आखिरकार मुंबई आयुक्त अजोय मेहता ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
लेकिन इसी प्रस्ताव का विरोध विपक्ष कर रहा है. बीएमसी विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा कि रूफटॉप पॉलिसी को मंजूरी देने का निर्णय पालिका को बायपास करके लिया गया है. इस प्रस्ताव को मंजूरी देने से पहले न तो सभागृह में इसकी चर्चा की गई थी और न ही किसी से सुझाव लिया गया था.
विपक्ष का शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना किसी जानकारी से एक निलंबित किए गए प्रस्ताव को मंजूर किया गया है. ये निर्णय ग्रुप लीडर, पालिका को बायपास करके लिया गया है. जरूर आयुक्त पर शिवसेना का दबाव है इस वजह से ऐसा फैसला लिया गया है. आगे भी ऐसे शिवसेना के प्रस्ताव बिना किसी के चर्चा में या बिना किसी के जानकारी के मंजूर हो जाएंगे.विपक्ष के लगाए गए आरोप पर मुंबई मेयर विश्वनाथ महादेश्वर ने कहा कि विपक्ष का ऐसा आरोप करना ये उनकी मर्जी है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई भी आयुक्त किसी के दबाव में निर्णय लेंगे. नियम के अनुसार ही प्रशासन को उन्होंने निर्णय दिया है. कोई भी निर्णय सभागृह में मंजूर होना चाहिए लेकिन, आयुक्त के तौर पर प्रशासन से जो अधिकार है उसका इस्तमाल आयुक्त कर सकते हैं.
मेयर ने आगे बताया कि आयुक्त ने अपने अधिकार के हिसाब से मंजूरी दी है न कि किसी के दबाव में. रूफटॉप पॉलिसी को मंजूरी दे कर कोई गलती नहीं की है. आयुक्त ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है.
गैरतलाब है कि शिवसेना के और से रूफटॉप पॉलिसी के प्रस्ताव को मंजूरी शुरुआत में ही मिल गई थी. लेकिन भाजपा और कांग्रेस के विरोध के कारण बात नहीं बन पा रही थी. तो कही न कही इस प्रस्ताव के सभागृह में बहुमत का आंकड़ा न जुटा पाने की मुख्य वजह इसके पीछे की राजनीति ही रही है.
Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/center-playing-snakes-and-ladders-on-appointment-of-cops-for-delhi-said-high-court-1155536.html
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