Thursday, 2 November 2017

करणी सेना ने दी पद्मावती की रिलीज़ रोकने की धमकी


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फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मवाती’ को लेकर विवाद थमता नहीं नजर आ रहा है. इस फिल्म को लेकर गुजरात में चल रहा विवाद और तूल पकड़ रहा है. बीजेपी के दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला के बाद पार्टी ने फिल्म को लेकर सवाल खड़े किए. पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग और गुजरात मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखते हुए रिलीज से पहले पद्मावती की एक खास स्क्रीनिंग राजपूत प्रतिनिधियों के लिए करवाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इससे उनका पारा नीचे जाएगा और चुनावों से पहले किसी तरह की तनावपूर्ण स्थिति से भी बचा जा सकेगा.बीजेपी प्रवक्ता और राजपूत नेता आईके जडेजा ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि या तो पद्मावती चुनाव के बाद गुजरात में रिलीज की जाए या फिर उसे बैन ही कर दिया जाए. जडेजा ने कहा, ‘क्षत्रिय, राजपूत प्रतिनिधियों ने हमसे मिलकर फिल्म में किसी तरह से इतिहास और रानी पद्मावती के चरित्र के साथ छेड़छाड़ किए जाने का विरोध किया है. इतिहास के हिसाब से रानी पद्मावती कभी अलाउद्दीन खिलजी से नहीं मिली थीं.’ उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में फिल्म में तथ्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. जिससे राजपूत-क्षत्रिय समुदाय की भावनाएं आहत हों.


फिल्म दिसंबर की शुरुआत में रिलीज होने वाली है जबकि चुनाव 9 से 14 दिसंबर के बीच होंगे. जडेजा ने कहा कि समुदाय के नेता केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग और फिल्म सेंसर बोर्ड से मिलकर कथित रूप से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पद्मावती को खिलजी से गलत तरीके से जोड़ने वाली फिल्म को बैन करने की मांग करेंगे.


यह भी पढ़ें:‘पद्मावती’ के सेट पर करणी सेना ने किया हमला, संजय लीला भंसाली को पीटागुजरात के मल्टीप्लेक्स मालिकों की असोसिएशन को लगभग 10 दिन पहले श्री राष्ट्रीय राजपूत कर्णी सेना की ओर से एक पत्र मिला था. उसमें लिखा था, ‘संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म पद्मावती में हिंदू और राजपूत समुदायों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है. अगर गुजरात में फिल्म रिलीज की गई तो कड़ा विरोध किया जाएगा. इससे संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है.’


असोसिएशन के अध्यक्ष मनुभाई पटेल ने कहा कि अभी फिल्म की रिलीज में एक महीना बाकी है और आमतौर पर ऐसे विवाद सुलझा लिए जाते हैं. हालांकि, चुनावों के समय में इस विवाद के होने से क्या असर पड़ेगा, इस पर उन्हें भी संशय है. पिछले हफ्ते वाघेला ने चेतावनी दी थी कि अगर फिल्म गुजरात में बिना प्री-स्क्रीनिंग के रिलीज की गई तो राज्य में हिंसक प्रदर्शन होंगे. उन्होंने कानून व्यवस्था के हाथ से बाहर जाने की धमकी भी दी थी.


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इस मामले पर कर्णी सेना के प्रमोद सिंह का कहना है कि हम किसीको इतिहास के साथ छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दे सकते. उन्होंने कहा, हमने पहले भी भंसाली जी को कहा था कि फिल्म बनाओ लेकिन पहले हमारे लोगो को दिखाओ कि आप इतिहास के साथ कोई छेड़छाड़ तो नही कर रहे. ये क्षत्रिय या राजपूतो की बात नही है.


प्रमोद सिंह का कहना है कि फिल्म रिलीज से पहले उनके समाज के श्रेष्ठ लोगों को दिखाइ जाए. आप उसके बाद फिल्म दिखाइए हमें कोई परेशानी नहीं है.जिस देश का गृह मंत्री क्षत्रिय हो वहा कैसे आप इतिहास के साथ छेड़छाड़ कैसे कर सकते है.


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उन्होंने कहा, क्षत्रिय लोगो देश की रक्षा के लिए है, क्षत्रिय लोग देशभर में है, अगर भंसाली जी हमारे इतिहास के साथ छेड़छाड़ करेंगे तो हम भंसाली जी को छोड़ेंगे नहीं..
किसी भी जाति का हो इतिहास का जानकार हो, इतिहास में पीएचडी हो उसको सेंसर के साथ बिठाओ, इतिहास के लोग जो कहेंगे हम वो मानेंगे.


बता दें कि इस फिल्म को लेकर शुरुआत से विवाद चल रहा है. जब भंसाली फिल्म की शूटिंग के लिए जयपुर में थे. तब भी करणी सेना ने वहां विरोध प्रदर्शन किया था, सेट सेट पर तोड़फोड़ की थी. यहां तक कि संजय लीला भंसाली पर भी हाथ उठाया गया था. इसके बाद इस विरोध प्रदर्शन की वजह से भंसाली को नागपुर में एक प्रेस कॉनफ्रेंस रद्द करनी पड़ी थी.


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