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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी पर निशाना साधा . चिदंबरम ने कहा कि अगर पकौड़े बेचना जॉब है, तो भीख मांगने को भी रोजगार के विकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए. चिंदबरम के बयान के बाद बीजेपी की सोशल मीडिया विंग प्रधानमंत्री का बचाव करने में जुट गई है. पकौड़े बेचने वाले की भिखारी से तुलना करने पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है.बीजेपी के आईटी विंग प्रमुख अमित मालवीय चिंदबरम के बयान के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चलाया है. अमित मालवीय ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा- कांग्रेस ने अब पकोड़े बेचने और सम्मान से जीवन यापन करने वालों को भिखारी बता दिया, जनता इसका जवाब 2019 में देगी.
चाय वालों को बेज़्ज़त किया, 2014 हार गए। अब पकोड़े बेचने और सम्मान से जीवन यापन करने वालों को भिखारी बता दिया, जनता इसका जवाब 2019 में देगी।
— Amit Malviya (@malviyamit) January 28, 2018
बीजेपी के ऑफिशियल ट्वीटर हैंडिल से ट्वीट करते हुए लिखती है- ईमानदारी से आजीविका कमाने वाले लोगों की तुलना भिखारियों से कर के कांग्रेस ने एक बार फिर इस देश के प्रत्येक गरीब-मजदूर-किसान और कर्मयोगी का अपमान किया है.
ईमानदारी से आजीविका कमाने वाले लोगों की तुलना भिखारियों से कर के कांग्रेस ने एक बार फिर इस देश के प्रत्येक गरीब-मजदूर-किसान और कर्मयोगी का अपमान किया है। pic.twitter.com/OV5iTOSOKQ
— BJP (@BJP4India) January 28, 2018
पकोड़ी वाले जिन्हें कांग्रेस ने भिखारी बताया… pic.twitter.com/GIXAZyo9fQ
— Amit Malviya (@malviyamit) January 28, 2018
अमित मालवीय ने राहुल गांधी के ऑफिशियल ट्वीट को टैग करते हुए लिखा पकौड़ा बेचना अपराध नहीं है लेकिन लोगों की मेहनत की कमाई चोरी करना और टैक्स की चोरी करना अपराध की श्रेणी में रखा जाता है. जिसकी वजह कांग्रेस के हाथों से सत्ता गई.
Making an honest vital by offered pakodas is same as begging? It is this disregard for entrepreneurial India that is obliged for Congress party’s nearby annihilation. @OfficeOfRG, offered pakodas is not a crime, hidden people’s tough warranted income and avoiding taxation is!
— Amit Malviya (@malviyamit) January 28, 2018
बता दें हाल ही में ऑल इंडिया मज्लिस ए इतेहदुल मुसलिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी की राजनीति को पकौड़ा पॉलिटिक्स कहा था. औवेसी ने कहा था कि जिन लोगों के पास नौकरियां नहीं हैं, वे बसें जला रहे हैं. जबकि दावोस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि रेड कार्पेट है. हां रेड कार्पेट तो है, लेकिन यह बसें जलाने वाले एेसे गुंडों के लिए है.दरअसल यही बीजेपी की पकौड़ा पॉलिटिक्स है.
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