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विदर्भ ने इंदौर के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रणजी के 84वें सत्र के फाइनल में सात बार के चैंपियन दिल्ली को नौ विकेट से हराकर पहली बार रणजी ट्राफी का खिताब अपने नाम किया. विदर्भ के सामने केवल 29 रन का लक्ष्य था और उसने एक विकेट पर 32 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की.नौवीं बार रणजी फाइनल में खेल रहे मुंबई के पूर्व कप्तान वसीम जाफर ने चौका जड़कर अपने करियर में पहली बार खिताबी मुकाबले में विजयी रन बनाया. विदर्भ इस तरह से रणजी चैंपियन बनने वाली 17वीं टीम बन गयी है.विदर्भ ने टॉस जीतकर दिल्ली को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया और फिर उसकी टीम को 295 रन पर आउट कर दिया. रजनीश गुरबानी ने छह विकेट लिये. इसके जवाब में विदर्भ ने अक्षय वालकर (133) के प्रथम श्रेणी मैचों में पहले शतक के दम पर 547 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. दिल्ली दूसरी पारी में 280 रन पर आउट हो गयी.
विदर्भ ने आज सुबह अपनी पहली पारी तीन विकेट पर 528 रन से आगे बढ़ायी लेकिन दिल्ली ने उसके बाकी बचे तीन विकेट जल्द ही निकाल दिये. युवा तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने 135 रन देकर पांच विकेट लिये.
दिल्ली को विदर्भ की पहली पारी में बायें हाथ के स्पिनर मनन शर्मा की कमी खली जो घुटने की चोट के कारण मैदान पर नहीं उतरे. उन्होंने हालांकि दूसरी पारी में बल्लेबाजी की.दिल्ली की दूसरी पारी में ध्रुव शोरे (62) और नितीश राणा (64) ने अर्धशतक जमाये.शोरे ने पहली पारी में भी 145 रन बनाये थे.दिल्ली ने पारी की हार तो बचा ली लेकिन वह बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही. लगातार दूसरी बार फाइनल की मेजबानी कर रहे होलकर स्टेडियम में विदर्भ के सामने छोटा लक्ष्य था और उसने कप्तान फैज़ फज़ल का विकेट गंवाकर इसे हासिल कर दिया।
जाफर 17 और संजय रामास्वामी नौ रन बनाकर नाबाद रहे.मुंबई के पूर्व कप्तान जाफर नौवीं बार रणजी फाइनल में खेल रहे थे और हर बार उनकी टीम चैंपियन रही.
कुछ यूं रहा विदर्भ का खिताबी सफर
पहला मैच: पंजाब को एक पारी और 117 रन हराया.
दूसरा मैच: छत्तीसगढ़ के साथ मैच ड्रा रहा.
तीसरा मैच: सर्विसेज को 192 रन से पटखनी दी.
चौथा मैच: बंगाल से दस विकेट से जीते.
पांचवां मैच: गोवा को एक पारी और 37 रन से हराया.
छठा मैच: हिमाचल प्रदेश के साथ मैच ड्रा रहा.
क्वार्टर फाइनल: केरल को 412 रन के अंतर से मात दी.
सेमीफाइनल: कोलकाता में कर्नाटक को पांच रन से हराया.
फाइनल: दिल्ली को नौ विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया.
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