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संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से का मंगलवार को 16वां दिन भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया. मंगलवार को कांग्रेस राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली थी, लेकिन अन्नाद्रमुक (AIADMK) और कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित होगी, जिसके चलते कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव नहीं रख पाई. बता दें कि इससे पहले भी तेलुगू देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस भी अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे चुकी है, लेकिन एक भी बार इसे सदन में रखा नहीं जा सका है.मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई. दोपहर करीब 12:30 बजे सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित होने के बाद जब एआईएडीएमके के सदस्य अपनी सीट के पास से लौट रहे थे, तो कांग्रेस के कुछ सदस्यों के साथ उनकी नोकझोंक होती देखी गई. एआईडीएमके सदस्यों का कहना था कि कांग्रेस के सदस्य उनके खिलाफ टिप्पणी कर रहे है.
संसदीय कार्यमंत्री बोले- हम अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयारकांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कम से कम 50 सदस्य होने चाहिए और हमारी संख्या इससे भी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि हम चर्चा से नहीं भाग रहे हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं. इस दौरान कांग्रेस के साथ ही राजद, रांकापा, माकपा और अन्य वामपंथी दलों के सदस्य ‘नो-कांफिडेंस’ लिखे नीले पोस्टर हाथ में लेकर खड़े थे जिन पर 1 से 80 तक संख्या लिखी हुई थी. उधर तेलुगू देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य भी इस तरह के पोस्टर लेकर खड़े थे. वहीं, लोकसभा में संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार के पास पूरा बहुमत है और हम अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हैं.
स्पीकर ने कहा- सदन ऑर्डर में नहीं है
हालांकि, स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदन को बताया, “मुझे अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस मिले हैं. लेकिन, मैं इस हंगामे में प्रस्ताव का समर्थन कर रहे सांसदों की गिनती नहीं कर सकतीं.” स्पीकर ने कहा कि सदन ऑर्डर में नहीं है. ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव को सदन में नहीं रखा जा सकता. इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.
राज्यसभा भी स्थगित
वहीं, राज्यसभा में हंगामे की वजह से सांसदों की विदाई पर भी चर्चा नहीं हो सकी. सभापति वेंकैया नायडू ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया.
क्यों लाया जा रहा है अविश्वास प्रस्ताव?
दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपने अपने वोटरों को ये बताना चाहते हैं कि वो केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के साथ हैं या फिर सरकार के विरोध में खड़े हैं, और अगर विरोध है तो वो किन मुद्दों पर है. इसी क्रम में कांग्रेस मंगलवार को एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है.
संसद में क्या है कांग्रेस की पोजिशन?
कांग्रेस के 48 सांसद हैं. इस तरह सरकार के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए जरूरी 50 सांसदों का आंकड़ा आराम से जुट जाएगा. इसके साथ ही लेफ्ट फ्रंट, आप और बाकी विपक्षी दल भी सरकार के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं. इस तरह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में कोई मुश्किल नहीं होने वाली. (एजेंसी इनपुट के साथ)
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Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/mohan-bhagwat-said-that-people-should-not-depend-on-the-government-for-everything-1288873.html
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