Tuesday, 27 March 2018

डेटा लीक मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग ने गठित की समिति


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चुनाव आयोग ने डेटा लीक मामले में आरोपों की जांच के लिए अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है. एक सप्ताह के भीतर ही डेटा लीक मामले की रिपोर्ट यह समिति चुनाव आयोग को सौंपेगी. डेटा लीक की खबरों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने भरोसा दिया कि चुनाव आयोग से अगर कोई सूचना लीक की गई है, तो इसकी जांच की जाएगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है कि उस पर कार्रवाई भी की जाएगी.

क्या था विवाद?

चुनाव तारीखों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक विवाद भी हो गया. यहां ऐसा कहा गया कि चुनाव की तारीख पहले ही लीक हो गई. दरअसल बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने सोमवार रात को ही ट्वीट किया था कि कर्नाटक में 12 मई को वोटिंग और 18 मई को काउंटिंग होगी. हालांकि उनकी यह बात पूरी तरह सही साबित नहीं हुई, वहीं इस मामले में विवाद होता देख उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया था.मुख्‍य चुनाव आयुक्त ने चुनाव तारीखों की घोषणा करने के साथ ही बताया कि 17 अप्रैल को चुनावों की अधिसूचना जारी होगी. इसके बाद 24 अप्रैल तक नॉमिनेशन दाखिल करने के लिए आखिरी तारीख है, जिसकी जांच 25 अप्रैल तक कर ली जाएगी, जबकि उम्मीदवारों के नाम वापिस लेने आखिरी तारीख 27 अप्रैल होगी.उन्होंने बताया कि राज्य में 4.96 करोड़ से ज्यादा लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. राज्य में 56,696 पोलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 450 स्टेशनों का पूरा प्रबंधन महिला अधिकारियों के जिम्मे होगा. वहीं सभी पोलिंग बूथों पर ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा. यहां हर परिवार को एक वोटर गाइड और हर मतदाता को फोटो वोटर स्लिप दिया दिया जाएगा.


 


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/mohan-bhagwat-said-that-people-should-not-depend-on-the-government-for-everything-1288873.html

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