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भारत में निर्मित टी-18 ट्रेन का शनिवार को दूसरी बार ट्रायल किया जाएगा. शताब्दी एवं राजधानी से तेज स्पीड से भागने वाली इस ट्रेन का पहला ट्रायल सोमावर को हुआ था. सोमवार को ट्रेन 115 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाई गई थी, जबकि शनिवार को इसे 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा.दूसरे ट्रायल के लिए ट्रेन को कोटा पहुंचाया गया है. ट्रायल को देखते हुए रेल प्रशासन ने सवाईमाधोपुर-कोटा-शामगढ़ के बीच के सभी पीडब्ल्यूआई को अलर्ट पर रखा है. ट्रैक व उसके आसपास मवेशी न आएं इसके लिए ट्रायल वाले सेक्शन में जगह-जगह पर रेलकर्मचारियों तैनात करने की व्यवस्था की गई है.
मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई है ट्रेन
बता दें कि ‘ट्रेन 18’ को मेक इन इंडिया के तहत देश में ही तैयार किया गया है. ट्रेन का पहला ट्रायल मुरादाबाद से बरेली के बीच में 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया गया था. इस दौरान देखा गया कि ट्रेन में किसी तरह की कोई समस्या तो नहीं आ रही है. ट्रेन के पहियों के बेयरिंग सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं इसपर भी ध्यान दिया गया.ट्रेन 18 में मिलेंगी ये सुविधाएं
यह ट्रेन की कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैसे है. ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई, इंफोटेनमेंट समेत अन्य कई सुविधाएं भी मिलेंगी. ‘ट्रेन 18’ के मध्य में दो एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट होंगे. प्रत्येक में 52 सीट होंगी, वहीं सामान्य कोच में 78 सीटें होंगी. इस ट्रेन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्री ड्राइवर केबिन को अंदर से देख सकते हैं.
इस वजह से नाम पड़ा ट्रेन 18इस ट्रेन को ‘ट्रेन 18’ नाम इसलिए दिया गया है कि रेलवे इसे 2018 में लॉन्च करने वाला है. बता दें कि यह ट्रेन शताब्दी ट्रेन से 15 प्रतिशत कम वक्त लेगी. इस ट्रेन को बनने में भी मात्र 18 महीने का वक्त लगा है.
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Article source: https://hindi.news18.com/news/sports/cricket/england-become-first-team-to-play-1000-test-1467289.html
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