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अयोध्या मामले की सुनवाई में देरी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सुप्रीम कोर्ट पर निशाना साधा है. आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों की बेंच पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मैंने नाम नहीं लिया है, क्योंकि भारत के 125 करोड़ लोग उनके नाम जानते हैं, 3 जजों की एक बेंच वहां थी. उन्होंने देरी की, इसे नकारा, इसका अपमान किया. ये उन्होंने अनुचित किया है.’इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कुमार ने कहा, हो सकता है सरकार के आदेश लाने के खिलाफ कोई सुप्रीम कोर्ट जाएगा, तो चीफ जस्टिस उस पर भी स्टे लगा सकते हैं. उन्होंने कहा, अयोध्या मुद्दे की सुनवाई टलने से लोग नाराज हैं. उनमें सुप्रीम कोर्ट के 2-3 जजों (बेंच) को लेकर गुस्सा है. लोगों को अभी भी न्यायपालिका पर भरोसा है… मगर 2-3 जजों की वजह से न्यायपालिका, अदालत का अपमान हो रहा है. इस मामले की सुनवाई जल्द होनी चाहिए. इसमें क्या समस्या है?
पंजाब यूनिवर्सिटी के कैंपस में जोशी फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘जन्मभूमि में अन्याय क्यों’ सेमिनार में बोलते हुए इंद्रेश जोशी ने कहा, क्या आप और हम लाचार बने देखते रहेंगे? क्यों और ऐसा किस लिए? जो आतंकवाद को अर्ध रात्रि में सुनवाई कर सकते हैं, वो शांति को अपमान और उपहास कर दे. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी न्यायिक व्यवस्था पर ऐसा अन्याय नहीं किया था.
I haven’t taken names since 125 crore Indians know their names, a three-judge bench(SC) was there. They delayed, they denied, they disrespected. Yeh unho ne anuchit kiya hai: Indresh Kumar, RSS on Ayodhya box pic.twitter.com/mYeXCRXi5T
— ANI (@ANI) November 28, 2018
आपतो बते दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 नवंबर को रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले की टाल दी थी. अब इस पर सुनवाई अगले साल जनवरी में होगी. इसे लेकर हिंदूवादी संगठनों और साधू-संतों ने अदालत और 3 जजों की बेंच के रवैये की आलोचना की थी.
अयोध्या में जल्द राम मंदिर का निर्माण हो इसके लिए रविवार 25 नवंबर को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने विशाल धर्म सभा का आयोजन किया था. इसमें यूपी समेत देश भर से लाखों की संख्या में साधू-संत और राम भक्त शामिल हुए थे.
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Article source: http://www.bhaskar.com/article/c-6-914185-gw0197-love-marriage-husband-romance-another-wife-suicides-NOR.html
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