READ MORE
पश्चिम बंगाल में नादिया जिले के शांतिपुर में बुधवार को जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हो गई जबकि 16 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने विधानसभा परिसर में कहा कि राज्य सरकार ने घटना की सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं. क्या पीड़ितों ने देसी शराब पी थी, इस बात की पुष्टि रसायन परीक्षण के बाद ही हो सकती है.उन्होंने बताया कि शांतिपुर के निवर्तमान प्रभारी अधिकारी (आबकारी), उनके हाल के पूर्ववर्ती, रानाघाट रेंज के आबकारी कलेक्टर और आठ आबकारी कांस्टेबलों समेत आबकारी विभाग के 11 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.
ये भी पढ़ें- वायु प्रदूषण रोकने में नाकाम बंगाल सरकार पर NGT ने ठोका पांच करोड़ रुपये का जुर्माना
मित्रा ने कहा, ‘‘ सरकार कड़ा संदेश देना चाहती है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया. मंत्री ने कहा कि सीआईडी जांच से यह भी पता चल सकेगा कि क्या जहरीली शराब बिहार और झारखंड से तस्करी करके ग्रामीण बंगाल में लाई जा रही है.
ये भी पढ़ें : पिछले एक साल में 25 जगहों के नाम बदले गए, बंगाल का नया नाम फिलहाल पेंडिंग
नादिया के जिलाधिकारी सुमित गुप्ता ने बीमार पड़ने वालों की संख्या 44 बताई है और कहा है कि उन्हें कल्ना और शांतिपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है.
गुप्ता ने कहा कि वह स्थानीय उपमंडल अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ अस्पताल में स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस ने कहा कि घटना बुधवार तड़के शांतिपुर थाना क्षेत्र के नरसिंहपुर गांव में हुई.
स्थानीय लोगों ने बताया कि मरने वालों और बीमार पड़ने वालों में अधिकतर ईंट-भट्टे में काम करने वाले मजदूर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जहरीली शराब को बर्द्धवान जिले के कल्ना से लाया गया था.
ये भी पढ़ें-
राज्य का नाम इसलिए बदलना चाहती है ममता सरकार, केंद्र से नहीं बन रही सहमति
Article source: https://www.jagran.com/bihar/muzaffarpur-18195547.html
No comments:
Post a Comment