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ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं दिलीप रॉय और बिजोय महापात्र ने शुक्रवार को पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं विधानसभा में राउरकेला का प्रतिनिधित्व कर रहे रॉय ने सदन की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया. ये दोनों नेता बीजेपी की नेशनल एक्जीक्यूटिव के सदस्य भी थे. दोनों नेताओं ने इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को एक संयुक्त पत्र भेजा है.रॉय ने बताया कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप अमात को शुक्रवार को सदस्यता से त्यागपत्र भेज दिया है. रॉय ने टि्वटर जारी एक बयान में कहा, ‘बहुत दुखी मन से मैंने राज्य विधानसभा के साथ साथ भाजपा की सदस्यता को भी छोड़ने का फैसला किया है.’
उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट कटने के डर से पार्टी के कई नेता राज्य के मसलों पर खामोश हैं. उन्होंने लिखा, ‘हमने दशकों तक ओडिशा की सेवा की और शो पीस के रूप में हमें पार्टी में रहना गवारा नहीं है. हम पार्टी में फर्नीचर की तरह नहीं रह सकते और जिन लोगों को कोई आधार नहीं वे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और खुद की बड़ी छवि गढ़ रहे हैं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे लिए राज्य का हित सबसे ऊंचा है. हमने कभी भी किसी पद, ताकत या टिकट के लिए आत्मसम्मान या राज्य के हित का समझौता नहीं किया है.’महापात्रा ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य का हित उनके लिए सर्वोपरि है और वह अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में कोई फैसला अगले पखवाड़े करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में उनके सुझावों और विचारों को अनदेखा किया जा रहा था.
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये भाजपा राज्य इकाई के अध्यक्ष बसंत पांडा ने कहा कि उनके चले जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं होगा. हालांकि राज्य की राजनीति पर करीब से नजर रखने वाले लोगों का मानना है कि दोनों नेताओं का जाना बीजेपी के लिए बड़ा झटका है.
रॉय के जाने से सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है. यह इकलौती सीट है जिस पर बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी. वहीं महापात्रा का अविभाजित कटक में खासा प्रभाव है.
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/desh/ashok-pandit-supports-abhijeet-over-his-remark-on-gulam-ali-415803.html
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