Friday, 30 November 2018

केंद्र सरकार हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति में दे रही दखल: पूर्व जज कुरियन जोसेफ


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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कुरियन जोसेफ ने हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति में केंद्र सरकार की दखल की आलोचना की है. उन्‍होंने जस्टिस केएम जोसेफ के चयन में देरी का विशेष रूप से जिक्र किया. रिटायर होने के एक दिन बाद शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि उन पर कभी भी सरकार या राजनीतिक रूप से कभी दबाव नहीं नहीं आया. हालांकि उन्‍होंने कहा, ‘जिस तरह से नियुक्तियों में देरी हुई, जिस तरह से चुनिंदा नियुक्तियों को लटकाया गया. यह एक तरह से दखल देना है.’सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने कहा कि 12 जनवरी की विवादित प्रेस कांफ्रेंस के बारे में उन्‍हें कोई खेद नहीं है. उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सिस्‍टम और कार्यशैली में बदलाव आने में वक्‍त लगेगा क्‍योंकि यह काफी लंबे समय से चल रहा है लेकिन चीजें बदल रही हैं. बता दें कि उस प्रेस कांफ्रेंस में जस्टिस जोसेफ के साथ ही वर्तमान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एमबी लोकुर और अब रिटायर हो चुके जे चेलमेश्‍वर शामिल हुए थे. उन्‍होंने मामलों के बंटवारे पर सवाल उठाए थे.


प्रेस कांफ्रेंस में शामिल होने के सवाल उन्‍होंने जवाब दिया, ‘कैसा अजीब सवाल पूछ रहे हैं. मैंने जो भी किया उस पर मैं कभी अफसोस नहीं करता, मैंने पूरी सजगता से एक वजह के लिए ऐसा किया था. जब हमने वह किया था तब वहीं मौका था.’


क्‍या अब वह समस्‍या दूर हो गई है के सवाल जोसेफ ने कहा, ‘आप यह नहीं कह सकते हैं कि समस्‍या पूरी तरह से समाप्‍त हो गई है क्‍योंकि यह संस्‍थानिक समस्‍या थी, किसी सिस्‍टम या कार्यशैली को बदलने में वक्‍त लगता है. उम्‍मीद है कि यह बदल जाएगी.’


Article source: http://feedproxy.google.com/~r/Khabar-Cricket/~3/TNQF2d1xGHk/story01.htm

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