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नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सीएनएन न्यूज 18 से खास बातचीत में कहा कि गठबंधन का मकसद न सिर्फ असेंबली को भंग करना था, बल्कि राज्य के हितों की रक्षा करना भी था. उन्होंने कहा, ‘मैंने फैक्स के मुद्दे पर गवर्नर की आलोचना की, लेकिन केंद्र के कदमों को अनदेखा करके असेंबली को भंग करने के लिए धन्यवाद दिया.’उन्होंने कहा कि सज्जाद लोन के अकेले सरकार गठन पर केंद्र को समझना चाहिए था. क्योंकि यहां के शिक्षित युवक बंदूक उठा रहे हैं? केंद्र यह समझने की कोशिश नहीं कर रहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत राज्य में शांति स्थापित करने में मदद करेगा. सज्जाद लोन का तीसरा मोर्चा बीजेपी का मोर्चा है.
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उन्होंने कहा कि एनसी भविष्य में किसी भी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने वाली है. क्योंकि इससे बीजेपी को ही मदद मिलेगी. यूएलबी और पंचायत चुनावों से दूरी बनाना अच्छा निर्णय था. उन्होंने कहा, ‘क्योंकि हमने यह संदेश भेजा है कि हम अनुच्छेद 35ए की रक्षा के लिए कुछ भी करेंगे.’ सरकार बनाने के लिए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पीडीपी का समर्थन करने का निर्णय राज्य के हितों में लिया गया था. जो पार्टी के हितों से अधिक महत्वपूर्ण है.ये भी पढ़ें: OPINION: एक ‘फैक्स मशीन’ जिसने बदली कश्मीर की सियासत
Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/kashmir-loc-pakistani-sniper-indian-soldier-injured-1440289.html
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