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सत्यपाल मलिक लगातार एक विवाद से दूसरे विवाद में घिरते जा रहे हैं. इस बार सत्यपाल मलिक ने कहा है केंद्र सरकार उनका जम्मू कश्मीर के बाहर ट्रांसफर कर सकती है क्योंकि उन्होंने कहा था कि ‘केंद्र सरकार चाहती थी कि बीजेपी के समर्थन वाले सज्जाद लोन को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए.’कांग्रेस नेता गिरिधारी लाल डोगरा की पुण्यतिथि पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘यह मेरे हाथों में नहीं है. मैं नहीं जानता कि कब मेरा ट्रांसफर कर दिया जाएगा. लेकिन जब तक मैं यहां हूं मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जब भी आप मुझे बुलाएंगे मैं आऊंगा.’
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दरअसल, मंगलवार को उन्होंने कहा था कि केन्द्र सरकार सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनवाना चाहती थी, लेकिन अगर वह ऐसा करते तो यह बेईमानी होती. आगे उन्होंने कहा, ”फिर एक बार साफ कर दूं कि दिल्ली की तरफ देखता तो मुझे लोन की सरकार बनानी पड़ती और मैं इतिहास में एक बेईमान आदमी के तौर पर जाना जाता. लिहाजा मैंने उस मामले को ही खत्म कर दिया. जो लोग मुझे गाली देते हैं, देते रहें. लेकिन मैं इस बात से सहमत हूं कि मैंने जो कुछ भी किया वो ठीक किया.”सत्यपाल मलिक ने सीएनएन न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए कहा था, ”सज्जाद के पास संख्या थी. ऐसे में ये साफ है कि केन्द्र उनके नाम को ही सामने लाती. मैंने कोई गलती नहीं की. मैंने न्यूट्रल आदमी के तौर पर काम किया.”
आपको बता दें कि 21 नवंबर को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश किए जाने के कुछ ही देर बाद, जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य विधानसभा को भंग कर दिया था. इसके बाद से ही राज्यपाल विपक्ष के निशाने पर थे.
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हालांकि इस के बयान के बाद महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल की इस बात के लिए सराहना की कि वो केंद्र के इशारों पर नहीं नाच रहे हैं.
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