Sunday, 26 November 2017

सर्जिकल स्ट्राइक, हाफिज सईद से पटेल तक, मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात विधानसभा के लिए प्रचार की शुरुआत की. भुज के कच्छ में अपनी पहली रैली में उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने गुजराती अस्मिता की भी बात की तो कच्छ भूकंप से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक और डोकलाम गतिरोध तक का जिक्र किया.प्रधानमंत्री की पहली रैली की 10 बड़ी बातें


1. गुजरात की नब्ज जानता हूं, गिन लो 151 सीटें
गुजरात चुनाव की घोषणा से पहले ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ‘अबकी बार, 150 पार’ का नारा दिया था. बीजेपी इस नारे के साथ ही मैदान में उतरी है. हाल ही में आए कुछ सर्वे में भी बीजेपी को 140 सीटें मिलती हुई दिखाई गई हैं. प्रधानमंत्री ने अपनी पहली ही रैली में आत्मविश्वास के साथ कहा कि मैं गुजराज की नब्ज जानता हूं. गिन लो 151 सीटें हैं. इससे जाहिर होता है कि मोदी बीजेपी कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास भरना चाहते हैं और ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि पटेल, जिग्नेश, अल्पेश और कांग्रेस जितना भी प्रयास कर ले, बीजेपी 150 से ज्यादा सीटें जीतेगी.2. जीएसटी का जिक्र
जीएसटी के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर निशाना साध रही है. राहुल गांधी सहित कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि जीएसटी के स्लैब से लोगों को परेशानी हुई हैं. व्यापार चौपट हुए हैं और छोटे व्यापारी घाटे में गए हैं. लेकिन नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को भी अपने पाले में करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि जीएसटी की मीटिंग में कांग्रेस मौजूद थी. मीटिंग के दौरान कांग्रेस इसके पक्ष में थी. लेकिन मीटिंग से बाहर निकलते ही वह इसके खिलाफ बोलने लगी.


3. सर्जिकल स्ट्राइक और डोकलाम गतिरोध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक और डोकलाम गतिरोध का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले 26/11 जैसे हमले होते थे और हम हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहते थे. लेकिन उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक करके हमारे जवानों ने पाकिस्तान को जवाब दिया है. डोकलाम में भी काफी विषम परिस्थितियों में हमारे जवानों ने दिखाया है कि किस तरह से मजबूती के साथ डटे रहा जा सकता है. बता दें कि यूपी में चुनाव में भी प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया था. कहा जा रहा है कि इस दौरान इस मुद्दे से बीजेपी को काफी फायदा हुआ था.


4. कच्छ के विकास की बात
नरेंद्र मोदी ने विकास की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि भूकंप के बाद कच्छ पूरी तरह से बर्बाद हो गया था. यहां पानी तक नहीं था. अफसर यहां की पोस्टिंग को काला पानी की सजा मानते थे. लेकिन हमने यहां ऐसा काम किया कि अब विदेशी यहां घूमने आते हैं. कहते हैं कच्छ नहीं गया तो कहीं नहीं गया. कच्छ में कृषि क्रांति हुई है.


5. हाफिज सईद का मुद्दा
हाल ही में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने आतंकी हाफिज सईद को रिहा कर दिया था. इस पर राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर तंज कसा था. इसका जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि हाफिज सईद की रिहाई के बाद कांग्रेस जश्न मना रही है.


6. गुजराती अस्मिता
प्रधानमंत्री ने गुजराती अस्मिता की बात पर काफी जोर दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात के बेटे पर आरोप लगा रही है और छूठ फैला रही है. गुजरात के बेटे पर हमला, यहां की जनता माफ नहीं करेगी.


7. विकास बनाम वंशवाद
प्रधानमंत्री ने वंशवाद के मुद्दे को एक बार फिर हवा देने की कोशिश की है. बता दें कि साल 2014 के चुनाव में वंशवाद के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को घेरा था और काफी हद तक वह सफल रहे थे. हाल ही में राहुल गांधी ने भी अमेरिका में वंशवाद पर बयान दिया था कि भारत ही नहीं पूरी दूनिया इससे अछूती नहीं है. भारत में भी हर फिल्ड में यह परंपरा है. ऐसे में नरेंद्र मोदी ने विकास बनाम वंशवाद की बात की. उन्होंने कहा कि हमने विकास किया है तो इन लोगों ने वंशवाद किया है.


8. सरदार पटेल का मुद्दा
नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से गुजरातियों के साथ नहीं रही है. वह सरदार पटेल की भी नहीं हुई थी. ऐसे में गुजरात में पटेलों की नाराजगी को दूर करने के लिए उन्होंने सरदार पटेल का मुद्दा उठाया.


9. अंजार भूकंप बनाम भुज का भूकंप
नरेंद्र मोदी ने अपने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि 60 साल पहले अंजार में भी भूकंप आया था. उसके बाद हुआ कोई काम याद आता है क्या आपको? लेकिन, साल 2001 में भुज में भी भूकंप आया था. देखिए उसके बाद कैसे सूरत बदल गई. कच्छ में पर्यटक आने लगे. मोदी ने कच्छ में नर्मदा के पानी को भी पहुंचाने का श्रेय लिया.


10. महागुजरात आंदोलन
मोदी ने महागुजरात आंदोलन का जिक्र करते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि कांग्रेस हमेशा से गुजरातियों के खिलाफ रही है. उन्होंने कहा कि महागुजरात आंदोलन के दौरान कांग्रेस दफ्तर से गोलियां चलाई गई थीं और युवाओं को मौते के घाट उतारा गया था. केवल सरदार नहीं, कदम-कदम पर गुजरातियों के साथ अन्याय हुआ है.

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