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अल्पसंख्यक मामलों के प्रभारी केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि भारत में इस्लामिक बैंकिंग शुरू करने का सरकार का इरादा नहीं है क्योंकि लोगों की वित्तीय जरूरतों की पूर्ति के लिए विभिन्न प्रकार के बैंकों का पर्याप्त नेटवर्क सुलभ है.इस्लामिक बैंकिंग शरिया के सिद्धांतों पर आधारित होती है जिसमें ब्याज लागू नहीं किया जाता है.
नकवी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘भारत में सरकार इस्लामिक बैंकिंग की छूट नहीं देगी क्योंकि यह धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश है.’ उन्होंने कहा कि देश में अनेक सरकारी और अनुसूचित बैंक काम कर रहे हैं. मौजूदा बैंकिंग प्रणाली सबके लिए खुली है इसलिए इस्लामी अवधारणा पर आधारित बैंकिंग प्रणाली शुरू करने के बारे में कोई विचार नहीं रखती है.
उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने इस बारे में एक सुझाव दिया है लेकिन हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है.एक अन्य सवाल के जवाब में नकवी ने कहा कि सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है. उन्होंने दोनों सदनों (लोकसभा, राज्यसभा) की कार्यवाही के सुचारु संचालन के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सहयोग की अपेक्षा की.
उन्होंने कहा, ‘हम अपेक्षा करते हैं कि कांग्रेस संसद की कार्यवाही के सुचारु संचालन में सहयोग करेगी क्योंकि संसद बहस करने और फैसला करने के लिए बनी है. यदि आप संसद में केवल हंगामा करते हैं तो यह उसकी मर्यादा प्रभावित होती है.’
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Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/hardik-patel-supporter-alleges-on-bjp-over-cd-case-1169298.html
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