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देबायन रॉयकिसी प्रकार की तकरार के दौरान अगर कोई साथी अापका हाथ पकड़ता है तो उसे यौन उत्पीड़न नहीं कहा जा सकता. ये बात दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कही.
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विभू बाखरु ने कहा कि अगर आपका सहयोगी किसी विवाद के दौरान आपका हाथ पकड़ता है तो उसे यौन उत्पीड़न के रूप में नहीं देखा जा सकता. क्योंकि किसी भी प्रकार के शारीरिक संपर्क को तभी यौन उत्पीड़न की श्रेणी में रखा जा सकता है जब मामला ‘अनचाहा यौन व्यवहार’ का हो.
कोर्ट का ये फैसला सीएसआईआर (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) की एक कर्मचारी के अपील पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें कर्मचारी ने सहयोगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. उन्होंने यह आरोप सहयोगी द्वारा हाथ पकड़े जाने और धक्का देकर लेबोरेट्री से बाहर निकाले जाने पर लगाया था.कर्मचारी ने मामले की शिकायत संगठन की शिकायत समिति और अनुशासनिक प्राधिकारी से की लेकिन दोनों ने एक साथ यौन उत्पीड़न के सभी आरोपों को खारिज कर दिया.
न्यायमूर्ति विभू बाखरु ने कहा कि सभी प्रकार के शारीरिक संपर्क को यौन उत्पीड़न की श्रेणी में नहीं आंका जा सकता. उन्होंने अपने निर्णय में कहा कि केवल उसी प्रकार का शारीरिक संपर्क यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आएगा जो ‘अनचाहा यौन व्यवहार’ की प्रकृति का हो.
मामले में महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक साथी वैज्ञानिक लेबोरेट्री के अंदर घुस गया, हाथ पकड़ा, उसके परीक्षण का नमूना छीना और दरवाजा बंद कर दिया. यही नहीं, महिला ने वैज्ञानिकों पर अनुसूचित जातियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने और एससी समुदाय के एक व्यक्ति से शादी करने पर चिन्हित करने का आरोप भी लगाया था.
न्यायमूर्ति विभू बाखरु ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में से किसी को भी यौन उत्पीड़न के चश्मे से नहीं देखा जा सकता.
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि निस्संदेह, शारीरिक संपर्क को यौन उत्पीड़न कहा जा सकता है, लेकिन ये तभी यौन उत्पीड़न कहलाएगा जब ये व्यवहार अनचाहा हो. हालांकि, ये जरूरी नहीं कि सभी प्रकार के अनचाहा व्यवहार को यौन उत्पीड़न माना जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने 1997 में, विशाखा एंड ऑर्स वी स्टेट ऑफ राजस्थान के मामले की सुनवाई के दौरान कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों के शिकायतों को सुलझाने के लिए दिशानिर्देशों और मानदंडों को निर्धारित किया था.
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