Tuesday, 2 January 2018

भीमा-कोरेगांव हिंसाः मुंबई में प्रोटेस्ट के बाद धारा 144 लागू, आज महाराष्ट्र बंद


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महाराष्ट्र के पुणे में भीमा कोरेगांव लड़ाई की 200वीं सालगिरह के मौके पर हुई हिंसा को लेकर आक्रोश मंगलवार को भी जारी रहा. हिंसा के विरोध में दलित संगठनों ने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कई इलाकों में प्रदर्शन किया, जिसके चलते मुंबई के कई इलाकों में सड़कें अवरुद्ध रहीं और रेल सेवा भी प्रभावित रही. भीम राव अंबेडकर के पोते और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश अंबेडकर ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है. इस बंद को 250 से ज्यादा संगठनों ने समर्थन दिया है.इन इलाकों में दिखा प्रोटेस्ट का सबसे ज्यादा असर
दिन में चेंबूर और गोवंडी स्टेशन में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक दी थीं जिसके चलते सीएसटीएम-पनवेल हार्बर लाइन में लोकल ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा. हालांकि देर शाम हार्बर लाइन पर रेल सेवाएं सामान्य कर दी गईं. मंगलवार सुबह मुंबई के पूर्वी उपनगरीय इलाकों चेम्बूर, विखरोली, मानखुर्द और गोवंडी में विरोध प्रदर्शन हुआ और प्रदर्शनकारियों ने दुकानों एवं प्रतिष्ठानों को जबरदस्ती बंद करवा दिया.


यहां पढ़ें- मुंबई में प्रोटेस्ट के लाइव अपडेट्सएक अधिकारी ने बताया कि ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर प्रियदर्शन, कुर्ला, सिद्धार्थ कॉलोनी और अमर महल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुट गयी और उन्होंने जुलूस निकाला एवं सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. पुणे में हिंसा मामले में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.


बुधवार के प्रदेशव्यापी महाराष्ट्र बंद का आह्वान
भारिपा बहुजन महासंघ (बीबीएम) लीडर प्रकाश अंबेडकर का आरोप है कि इस हिंसा में हिंदू एकता अघाड़ी समूह का हाथ है. उन्होंने बताया कि पुणे में सोमवार को हिंसा रोकने में राज्य सरकार की विफलता के विरोध में बुधवार को महाराष्ट्र बंद रखा जाएगा. मराठाओं और दलितों के बीच तनाव को खारिज करते हुए अंबेडकर ने कहा कि अगर दोनों के बीच कोई तनाव होता तो भीमा-कोरेगांव लड़ाई की 200वीं सालगिरह का आयोजन नहीं होता. सोमवार का कार्यक्रम संभाजी ब्रिगेड नाम के मराठा संगठन द्वारा आयोजित किया गया था. अंबेडकर ने बंद का आह्वान करते हुए कहा कि बंद को 250 से ज्यादा संगठनों का समर्थन है.


Mumbai Protest 1


मुंबई में प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है.

पढ़ेंः क्या है भीमा कोरेगांव की लड़ाई, दलितों के लिए क्यों है इसका महत्व


सीएम ने की न्यायिक जांच की घोषणा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश में शांति की अपील की है. उन्होंने पुणें में हुई हिंसा के न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने हिंसा में मारे गए युवक के परिजनों को दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.


ये रास्ते रहे प्रभावित
प्रोटेस्ट का सबसे ज्यादा असर ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (रामबाई अंबेडकर नगर, चेदा नगर और कमराज नगर), चेंबूर नाके के पास सिओन पनवेल हाईवे और पवई के पास जेवीएलआर रोड पर पड़ा. इसके अलावा मंगलवार को कई रास्तों को डायवर्ट भी किया गया था.


क्या है भीमा-कोरेगांव युद्ध
भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सोमवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसके चलते हुई हिंसा की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई. युद्ध में ईस्ट कंपनी कंपनी के बलों ने पेशवा की सेना को हराया था. दलित नेता ब्रितानियों की जीत का जश्न मनाते हैं क्योंकि माना जाता है कि उस समय अछूत समझे जाने वाले महार समुदाय के लोग ईस्ट इंडिया कंपनी की फौज में सैनिक थे.


(इनपुट भाषा से)


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