Tuesday, 2 January 2018

दिल्‍ली-मुंबई के अस्‍पतालों में हड़ताल बेअसर लेकिन भोपाल-लखनऊ में ओपीडी ठप


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नेशनल मेडीकल कमीशन बिल के विरोध में देशभर में हड़ताल की गई. हालांकि दिल्‍ली और मुंबई में इस हड़ताल का असर न के बराबर रहा. लेकिन भोपाल और लखनऊ में ओपीडी ठप रही. इससे स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं कुछ हद तक प्रभावित रहीं.इंडियन मेडीकल एसोसिएशन की हड़ताल के चलते बिल स्‍टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया है. ऐसे में इसके बजट सत्र में पेश होने की संभावना है. इस बिल को लेकर डॉक्‍टर शुरू से ही विरोध में उतर गए हैं. डॉक्‍टरों का कहना है कि इस बिल में डॉक्‍टरों के अनुकूल चीजें नहीं हैं.


बता दें कि आइएमए के समर्थन और बिल के विरोध में फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट्स डाॅक्टर्स एसोसिएशन के करीब 20 हजार डाॅक्टर्स ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर मरीजों को सेवाएं दीं. दिल्ली के आइएमए मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन हुआ. इस दौरान डाॅ. रवि वानखेड़कर, नेशनल प्रेसिडेंट, आइएमए ने कहा कि मेडिकल हिस्ट्री में ये ब्लैक डे के तौर पर माना जाएगा.


उन्‍होंने कहा कि अब तक प्राइवेट मेडिकल काॅलेजों में 15% सीटों का फीस मैनेजमेंट तय करती थी. अब नए बिल के मुताबिक मैनेजमेंट को 60% सीटों का फीस तय करने का अधिकार होगा. पहले 130 सदस्य होते थे और हर राज्य के तीन प्रतिनिधि होते थे. अब नए बिल के मुताबिक कुल 25 सदस्य होंगे जिसमें 36 राज्यों में से केवल 5 प्रतिनिधि ही होंगे.आयुष को ब्रिज कोर्स करवाकर इंडियन मेडिकल रजिस्टर में शामिल करने का प्रावधान है जो एमबीबीएस के लगभग बराबर होगा. वहीं एमबीबीएस के बाद भी प्रैक्टिस करने के लिए एक और एग्जाम देना होगा. आइएमए के मुताबिक इस बिल के लागू होने के बाद भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा मिलेगा. वहीं किसी भी मेडिकल कॉलेज पर जुर्माना 5 करोड़ से 100 करोड़ तक का प्रावधान है.


गौरतलब है कि नेशनल मेडिकल कमिशन बिल को लेकर अस्पतालों में हड़ताल का मिलाजुला असर हुआ.  दिल्ली और मुंबई में तो बेअसर रही लेकिन लखनऊ और भोपाल के कुछ निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप रही. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बिल के विरोध में पूरे देशभर में एक दिन ओपीडी सेवा ठप रखने का आह्वान किया था. आइएमए ने इस दिन को ब्लैक डे के तौर पर मनाया।


हालांकि जेपी नड्डा, स्वास्थ्य मंत्री की ओर से राज्‍यसभा में कहा गया कि सभी भ्रांतियां दूर कर ली गई हैं. ये बिल लाभकारी है. बिल अभी लोकसभा में है. हमने सभी पक्षों के सामने रखा है.

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