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जम्मू-कश्मीर के गनोपोरा शोपियां में शनिवार को हुई फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में कश्मीर पुलिस ने गढ़वाल राइफल्स के मेजर आदित्य के खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि पीडीपी-भारतीय जनता पार्टी की सरकार के निर्देश पर यह एफआईआर दर्ज की गई है. दूसरी तरफ सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बयान दिया है कि कश्मीर में आर्मी मानवाधिकारों का पूरा ख्याल रखती है.बता दें कि गनोपोरा शोपियां में शनिवार को हुई फायरिंग में दो नागरिक मारे गए थे और 8 अन्य लोग घायल हो गए थे. इसी मामले में गढ़वाल राइफल्स के मेजर को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज हुआ है. ध्यान रहे कि कश्मीर घाटी में आतंकवादी घटनाओं में बढोतरी होने के बाद जुलाई 1990 में सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम लागू किया गया था. हालांकि राज्य के लदाख इलाके को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया.
गौरतलब है कि सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम भारतीय संसद द्वारा 11 सितंबर 1958 में पारित किया गया था. इसके तहत अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड के ‘अशांत इलाकों’ में तैनात सैन्य बलों को शुरू में इस कानून के तहत विशेष अधिकार हासिल थे.
मानवाधिकारों का ख्याल रखती है आर्मी- सेना प्रमुखजनरल रावत ने अरुणाचल प्रदेश से AFSPA के कुछ प्रावधान हटाने के सवाल पर रविवार को कहा कि इसका अभी वक्त नहीं आया है. उन्होंने कहा कि आर्मी जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य में आर्मी मानवाधिकारों का पूरा ख्याल रखती है.
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