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गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के बाद उत्तर पूर्व राज्य त्रिपुरा में चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्म दिखाई दे रहा है. दोनों राज्यों में चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने यहां भी सरकार बनाने के सपने संजोए हुए है. सरकार किसकी बनेगी यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा लेकिन सर्दी के मौसम में यहां का माहौल पूरी तरह गर्म है. यहां फरवरी में चुनाव होने की संभावना है.झंडों की दौड़ में टक्कर दे रही बीजेपी
सीपीआई (एम) शासन वाले त्रिपुरा में चुनावी गर्माहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि त्रिपुरा की राजधानी अगरतला हो या फिर दूर-दराज के क्षेत्र सभी जगह झंडों की लड़ाई साफ देखी जा सकती है. अगरतला में जगह-जगह राजनीतिक पार्टियों के झंडे लगे दिखाई दे रहे हैं. सचिवालय हो, कॉलोनियां हों, गांव हों या फिर शॉपिंग मॉल सब जगह झंडे ही झंडे. कहीं झंडे साथ-साथ लगे दिख रहे हैं तो कहीं सीपीआई (एम) या फिर बीजेपी के झंडे ऊपर दिख रहे हैं.
भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, सुशासन को बनाया बड़ा मुद्दा राज्य में भ्रष्टाचार अहम मुद्दा बना हुआ है. बीजेपी इसी मुद्दे को लेकर लोगों के बीच जा रही है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि एक साथ 10 हजार से ज्यादा टीचरों की नौकरी चली गई. यह सब भ्रष्टाचार की वजह से हुआ है. मनमर्जी से अपने चहेतों को सरकार ने नौकरी दे दी. इससे शिक्षा पर बुरा असर पड़ा है. वहीं मोदी सरकार के सुशासन के मॉडल का भी प्रचार किया जा रहा है.
बीजेपी के फेस हैं पीएम नरेंद्र मोदी
बीजेपी यहां भी पीएम नरेंद्र मोदी के फेस के साथ चुनाव मैदान में है. सभाओं और रैलियों में पीएम मोदी के विक्ट्री साइन वाले कटआउट दिखाई दे रहे हैं. इतना ही नहीं बीजेपी नेता पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

पूरे त्रिपुरा में इस तरह के झंडे जगह-जगह लगे दिख रहे हैं.
पीएम मोदी समेत शाह, योगी करेंगे सभा
त्रिपुरा जीतने के लिए बीजेपी ने बड़े नेताओं की सभा करने का प्लान बनाया है. इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इनके अलावा और भी कई नेताओं के यहां सभा करने की उम्मीद है.
बूथ जीतना है सरकार बनाने का मंत्र
अन्य राज्यों की तरह यहां भी बीजेपी का जोर बूथ जीतने पर है. इसके लिए बूथ स्तर पर तैयारी जारी है. 27 दिसंबर को पूरे त्रिपुरा में सभी 60 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन किए गए. इन सम्मेलनों में हजारों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया है.
वोटर्स को लुभाने के लिए बनाए गए हैं गाने
बीजेपी ने वोटर्स को लुभाने के लिए गाने भी तैयार कराए हैं. बंगला भाषा में तैयार किए गए गाने सीपीआई (एम) विरोधी और मोदी सरकार के पक्ष हैं. जहां भी रैलियां और सभाएं हो रही हैं, वहां यह गाने चलाए जा रहे हैं. लोगों को यह गाने बेहद पसंद आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर भी मजबूत पकड़
जमीनी स्तर पर प्रचार के अलावा बीजेपी ने सोशल मीडिया पर भी पकड़ बनाई हुई है. फेसबुक और ट्वीटर के जरिए प्रचार किया जा रहा है. यहां सरकार विरोधी कार्टून जमकर इस्तेमाल हो रहे हैं. सोशल मीडिया के लिए बकायदा टीम बनाई गई है.
बीजेपी की नहीं है एक भी सीट
त्रिपुरा में इस वक्त बीजेपी की एक भी सीट नहीं है. हालांकि अन्य दलों के कुछ विधायकों ने हाल ही में बीजेपी का दामन जरूर थामा है. हाल ही में कांग्रेस विधायक रतन लाल नाथ ने अपने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन थामा है. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के 6 विधायक बीजेपी के साथ आ चुके हैं.
त्रिपुरा में बीजेपी के प्रभारी सुनील देवधर का कहना है कि राज्य की हालत बहुत ही खराब है. जहां देश में सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक सैलरी दी जा रही है, यहां अभी भी चौथे वेतन आयोग के मुताबिक ही सैलरी मिल रही है. सरकार आम लोगों के लिए बिल्कुल नहीं सोचती, वही लोग सरकारी नौकरी में आते हैं जो सीपीआई (एम) से जुड़े हैं. लोगों में सरकार के खिलाफ रोष है. इस बार यहां बदलाव तय है. बीजेपी पूर्ण बहुमत से साथ यहां सरकार बनाएगी.
सीपीआई (एम) के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी का कहना है कि हम त्रिपुरा पूरे बहुमत के साथ जीतेंगे. बीजेपी ने दूसरे राज्यों की तरह यहां भी पैसे और डरा धमकाकर तोड़ने का काम किया है. मगर चुनाव में त्रिपुरा की जनता इनको जवाब दे देगी.
Article source: https://hindi.news18.com/news/entertainment/bollywood/google-trends-divyanka-tripathi-beats-raj-kapoor-1197764.html
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