Sunday, 28 January 2018

उपचुनाव LIVE: 3 लोकसभा और एक विधानसभा सीट के लिए चल रही वोटिंग, सुरक्षा के कड़े इंतजाम


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सोमवार को राजस्थान की 2 लोकसभा, एक विधानसभा सीट और पश्चिम बंगाल की एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव हो रहा है. वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू हुई है और शाम 6 बजे तक चलेगी. उपचुनाव के मद्देनजर पोलिंग बूथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.राजस्थान की अजमेर और अलवर लोकसभा सीट और मांडलगढ़ में विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. जबकि, पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया लोकसभा सीट के लिए भी मतदान चल रहा है. राजस्थान की तीनों सीटों पर करीब 39 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए 42 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे.


सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए गए हैं. सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी और वेबकास्टिंग करवाई जाएगी. सभी जगह मतदान दल पहुंच चुके हैं.




अलवर में सबसे ज्यादा 1987 पोलिंग बूथ
अजमेर, अलवर और मांडलगढ़ में इस बार 39 लाख 2 हजार 168 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इनमें से अलवर जिले में 18 लाख 27 हजार 936, अजमेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 18 लाख 42 हजार 992 और भीलवाड़ा के मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 31 हजार 240 कुल मतदाता हैं. इनके लिए विभाग ने 4194 मतदान केंद्र बनाए हैं. इनमें अलवर में 1987, अजमेर में 1925 और मांडलगढ़ में 282 मतदान केंद्र बनाए हैं.


28 सहायता केंद्र और 313 बूथ से वेबकास्टिंग
इसी तरह कुल 28 सहायक मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं ताकि मतदाता चुनाव के दौरान किसी भी अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़े. इसी तरह 313 मतदान केंद्रों पर (अलवर-140, अजमेर-153 और मांडलगढ़-20) वेबकास्टिंग भी करवाई जाएगी.





1 फरवरी को होगी काउंटिंग
अलवर में 11, अजमेर में 23 और मांडलगढ़ में 8 उम्मीदवार मैदान में हैं. चूंकि अजमेर में सर्वाधिक उम्मीदवार हैं इसके लिए वहां 1 वीवीपैट मशीन और 2 बैलेट यूनिट लगाई जाएंगी. उल्लेखनीय है कि लोकसभा और विधानसभा की तीनों सीटों पर 29 जनवरी को मतदान होगा, वहीं 1 फरवरी को मतगणना की जाएगी और 3 फरवरी तक निर्वाचन की सभी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.




यूपी और बिहार की खाली सीटों के लिए भी होना है उपचुनाव
इसके अलावा उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट, जो योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ खाली हुई थी और फूलपुर की सीट जो केशव प्रसाद मौर्य के डिप्टी सीएम बनने के साथ खाली हुई थी, उनके लिए उपचुनावों का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है. वहीं, बिहार की अररिया सीट आरजेडी नेता मोहम्मद तस्लीमुद्दीन की मौत के बाद खाली हुई थी, उसके लिए भी किसी भी तरह की घोषणा नहीं हुई है.

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