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मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर ने पीएमओ को निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी विदेश यात्राओं पर जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम प्रकट किये जाने चाहिए. माथुर ने नामों को प्रकट करने में पीएमओ द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर जतायी गई आपत्ति को खारिज कर दिया.माथुर ने दो अलग-अलग मामलों पर निर्णय करते हुए यद्यपि सुरक्षाकर्मियों और प्रधानमंत्री की सुरक्षा जानकारी से जुड़े व्यक्तियों के नाम प्रकट करने से पीएमओ को छूट दे दी. उन्होंने कहा, ‘आयोग का यह विचार है कि ऐसे गैर सरकारी व्यक्तियों के नाम या सूची (जिनका सुरक्षा से कोई संबंध नहीं है) जो प्रधानमंत्री के साथ उनकी विदेश यात्रा पर साथ गए थे, अपीलकर्ता को मुहैया करायी जानी चाहिए.’
मामले केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष आये थे जो कि सूचना के अधिकार मामले में अंतिम अपीलीय प्राधिकार है. आयोग के समक्ष ये मामले तब आये जब अपीलकर्ताओं नीरज शर्मा और अय्यूब अली को उनकी अर्जियों पर उचित जवाब नहीं मिला जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ उनकी विदेश यात्राओं पर जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के बारे में जानकारी मांगी थी.
शर्मा ने निजी कंपनियों के सीईओ, मालिक या साझेदारों, निजी उद्योग अधिकारियों आदि की सूची मांगी थी जो प्रधानमंत्री के साथ उनकी विदेश यात्राओं पर गए. अली मोदी के आवास और कार्यालय के मासिक व्यय, उनसे मिलने की प्रक्रिया, प्रधानमंत्री द्वारा अपने आवास और कार्यालय में जनता से की गई मुलाकातों की संख्या, उनके द्वारा संबोधित चुनावी सभाओं की संख्या और उन पर सरकारी खर्च की जानकारी मांगी थी.शर्मा ने आरटीआई जुलाई 2017 में दायर किया था जबकि अली ने आरटीआई पीएमओ में अप्रैल 2016 में दायर किया था. हाल के आदेश में माथुर ने पीएमओ को सूचना 30 दिन के भीतर देने का निर्देश दिया.
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