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लंदन [ प्रेट्र ]। 9000 करोड़ रुपये के घोटाले कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर वेंसमिन्सटर कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी। इसके पहले बहस में भारत की ओर से वकीलों की मदद के लिए ईडी और सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी लंदन पहुंच गए थे।
बहस पूरी होने के बाद अदालत फैसला सुनाया। भारत प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ माल्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भारत सरकार को जेल का वीडियो मुहैया कराने का आदेश दिया है। किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मुखिया विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तारी के बाद से जमानत पर हैं और कोर्ट ने उनकी जमानत को बरकरार रखा है।
गौरतलब है कि इस साल फरवरी में भारत सरकार ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए आधिकारिक रूप से ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किया था। भारत ने ब्रिटिश सरकार को साफ कर दिया था कि माल्या के खिलाफ उनके पर्याप्त सबूत है और बेहतर राजनयिक संबंध बनाए रखने के लिए प्रत्यर्पण संधि के तहत इस मामले पर गंभीरता से विचार जरूरी है।

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इसके पहले मुंबई की स्थानीय अदालत ने जनवरी में विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। भारत के अनुरोध को स्वीकार करते हुए ब्रिटिश सरकार ने अदालती कार्रवाई के लिए भेज दिया था। लगभग चार महीने बाद अदालती सुनवाई में माल्या को अगली सुनवाई तक जमानत मिल गई है। माल्या की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होनी है।

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इसके पहले विजय माल्या लंदन की अदालत में कर्ज देने वाले बैैंकों की ओर दायर केस हार चुका है। इन बैैंकों का कहना है कि माल्या के ब्रिटेन स्थित संपत्तियों को बेचकर उन्हें अपने कर्ज की वसूली का अधिकार मिलना चाहिए। माल्या ने इसका विरोध किया था। लेकिन अदालत ने अपने फैसले में भारतीय बैैंकों के दावे को सही पाया और ब्रिटेन स्थित संपत्तियों को बेचकर कर्ज उगाही की अनुमति दे दी थी।
वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजय माल्या के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कानून के तहत ईडी को विजय माल्या की भारत स्थित संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार है। ईडी ने माल्या की भारत स्थित 13500 करोड़ रुपये की संपत्ति की सूची भी अदालत को सौंप थी।

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By Ramesh Mishra
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/Khabar-Cricket/~3/zsTapTbEPEA/story01.htm
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