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असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने सोमवार को विपक्ष के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) 2019 के चुनावों को देखते हुए राजनीति से प्रेरित है.सीएनएन-न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में हेमंत बिस्वा शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि एनआरसी में जिन 40 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं है उनमें 13-14 लाख ऐसे हिन्दू वोटर्स भी शामिल हैं जिन्होंने बीजेपी को वोट दिया था.
शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार अगर असम का सहयोग करती तो यह आंकड़ा कम हो सकता था क्योंकि राज्य (पश्चिम बंगाल) के कई लोगों की नागरिकता का सत्यापन अभी भी नहीं हो पाया है. शर्मा ने आगे कहा कि यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरी हुई है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी संतुष्टि जाहिर की है.
जिन लोगों का नाम सूचि में नहीं है उनके डर को देखते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि दावों और आपत्तियों के दौरान पारदर्शितापूर्ण तरीके से सुनवाई होगी और तब तक किसी को हिरासत केंद्र में नहीं रखा जाएगा.ये भी पढ़ें: NRC ड्राफ्ट में नहीं है जिनका नाम, उन्हें अब करना होगा ये काम
शर्मा ने फिर दोहराया कि एनआरसी से किसी भी वास्तविक भारतीय को बाहर नहीं रखा जाएगा और फॉरनर्स ट्रिब्यूनल द्वारा ही लोगों को विदेशी घोषित करने का निर्णय लिया जाएगा. हालांकि उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी थी कि एनआरसी में किसी विदेशी नागरिक का नाम शामिल न हो.
शर्मा ने इस अफवाह को भी खारिज कर दिया कि जिन लोगों का नाम एनआरसी में शामिल नहीं है उन्हें शिविर अथवा जेल में रखा जाएगा. उन्होंने कहा, “गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान जारी करके कहा था कि किसी को भी हिरासत शिवरों में नहीं रखा जाएगा. असम सरकार भी यहीं बात कह रही है तो राष्ट्रीय मीडिया बार-बार यहीं सवाल क्यों पूछ रहा है? आपको सरकार के बयान का सम्मान करना चाहिए.”
बांग्लादेश द्वारा राज्यविहीन लोगों को लेने से इनकार करने के बाद उनके भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में हेमंत विस्वा शर्मा ने कहा कि अगर नेपाल भी उन्हें स्वीकार नहीं करेगा तो संसद इसपर अंतिम निर्णय लेगी.
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यह पूछने पर कि क्या सरकार हिन्दुओं को नागरिकता देगी शर्मा ने कहा कि इससे संबंधित बिल संसद में लंबित है. बीजेपी नेता ने कहा कि विदेशियों के बच्चों के लिए स्कूल अब भी खुले हुए हैं लेकिन नए नियम के अनुसार माता-पिता में से किसी के भी विदेशी होने पर बच्चा भारतीय नागरिकता का दावा नहीं कर सकता है.
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/russia-and-slowakia-enters-in-euro-2016-416978.html
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