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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लंबे वक्त बाद भाजपा के संगठन में थोड़ा विस्तार हुआ। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने तीन पदों पर नई नियुक्ति की। दुष्यंत कुमार गौतम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सुनील देवधर और सत्या कुमार को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया है। जबकि केरल में पीएस श्रीधरन पिल्लई को नया अध्यक्ष बनाया गया है।
शाह ने इस विस्तार के साथ ही कई निशाने साधे हैं। दक्षिण भारत पर भाजपा की विशेष नजर है। कुंबनम राजशेखरन की मिजोरम राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के बाद यह पद खाली था। उनकी पहचान एक कट्टर हिंदू नेता के रूप में थी। जबकि नए अध्यक्ष नरमपंथी माने जाते हैं। उनसे यह आशा होगी कि वह सभी वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। वहीं आंध्र प्रदेश में महासचिव मुरलीधर राव को प्रभार दिया गया। उनके सह प्रभारी के रूप में सुनील देवधर को भेजे जाने के भी दो मायने है। एक तो उन्हें त्रिपुरा में सफल जिम्मेदारी निभाने का पुरस्कार मिला।
वहीं उन्हें त्रिपुरा से हटाने का कारण भी है। सूत्रों की मानी जाए तो वहां देवधर एक तरह से पैरेलल व्यवस्था चला रहे थे और इस कारण मुख्यमंत्री और देवधर के बीच तकरार चल रही थी। नेतृत्व नहीं चाहता है कि राज्य में कोई संशय की स्थिति रहे। उपाध्यक्ष के रूप में दुष्यंत के रूप में दलित नेता की नियुक्ति का खास अर्थ है। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत के मंत्री बनने के बाद से शीर्ष टीम कोई दलित नेता नहीं था।
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By Ravindra Pratap Sing
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/desh/pakistan-nawaj-sharif-hurriyat-conference-saiyad-ali-shah-gilani-416130.html
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