Monday, 30 July 2018

मध्यप्रदेशः जानिए- अागामी विधानसभा चुनाव में कैसा होगा कांग्रेस का घोषणा पत्र


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भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)।  विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस जिन वादों के दस्तावेजों को लेकर प्रदेश की जनता के सामने जाने वाली है, वह 12 अगस्त तक बनकर तैयार हो जाएगा। पार्टी नेता कहते हैं कि मौजूदा सरकार ने एक लाख 80 हजार करोड़ रुपये के कर्ज की स्थिति ला दी है और आने वाली सरकार को इस कर्ज से निजात पाने व अपने वादों को पूरा करने में बेहद सख्त वित्तीय प्रबंधन के साथ काम करना होगा।


घोषणा पत्र समिति जनता को वादे बताने के साथ उन्हें पूरा करने के वित्तीय संसाधनों को जुटाने के रास्ते चुनावी दस्तावेज में समाहित करने की कोशिश कर रही है। दस्तावेज 15 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपा जाएगा। कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में वादों और उनके लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने जा रही है। उसकी सबसे बड़ी चिंता है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो मौजूदा सरकार के एक लाख 80 हजार करोड़ के कर्ज से उबरने व कर्ज माफी जैसे वादों के लिए राशि जुटाने के बारे में मतदाताओं का विश्वास कैसे अर्जित किया जाए।




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घोषणा पत्र में मोटे तौर पर वित्तीय संसाधनों को जुटाने की अपनी नीति रखने का प्रयास करेगी। मितव्ययिता की नीति घोषणा पत्र में शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें यह भी बताया जाएगा कि सरकार कई ऐसी योजनाएं चला रही हैं जिनमें राशि का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार में चला जाता है और उन्हें समाप्‍त कर दिया जाए। हालांकि इन योजनाओं के बारे में घोषषणा पत्र में विस्तृत रूप से जानकारी देने से पार्टी बचने का प्रयास करेगी। घोषणा पत्र में मौजूदा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों में पार्टी की सरकार बनने पर जांच कराने पर जोर रहेगा। यही नहीं भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए ऐसे नियम बनाने का घोषणा पत्र में वादा किया जा रहा है जिसमें दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं।


गुड गर्वनेंस पर कांग्रेस घोषणा पत्र में मौजूदा व्यवस्था ध्वस्त होने के हालात बताए जाएंगे। कांग्रेस सरकारी खर्च पर राजनीतिक आयोजनों का हवाला देगी और जनता से वादा करेगी कि वह सही अर्थो में गुड गर्वनेंस की स्थिति बनाएगी। कांग्रेस ने दो महीने पहले घोषणा पत्र समिति बनाई थी जिसने प्रदेश के क्षेत्रों को बांटकर काम किया। समिति के अध्यक्ष विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन व नरेंद्र नाहटा संयोजक थे। बाद में सात और सदस्यों की नियुक्ति हुई। समिति ने ग्वालियर से लेकर छिंदवा़डा और मंदसौर से लेकर जबलपुर तक दौरे किए। करीब 100 से ज्यादा समूहों के साथ बैठकें हुई तथा लगभग इतने ही प्रतिनिधिमंडलों ने कांग्रेस घोषणा पत्र समिति से मुलाकात की।




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प्रमुख वर्गो से कांग्रेस के संभावित वादे किसान:


कर्ज माफी के साथ फसल बीमा, फसल की लागत की दोगुना कीमत दिलाने, समर्थन मूल्य के साथ बोनस देने का इंतजाम करने का वादा। सुरक्षा के साथ महिलाओं को पुरुषों के बराबरी का दर्जा देने और स्कूल शिक्षा में 50 फीसद पदों पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।  रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ मध्यप्रदेश के लोगों को ज्यादा संख्या में रोजगार उपलब्ध कराने के नियम बनाना, कौशल संवर्धन पर ध्यान देकर शिक्षित युवाओं के लिए रोजगारमूलक परिस्थितियां बनाना।




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घोषणा पत्र तैयार किया जा रहा 


 समिति के सभी लोगों ने मिल बांटकर दौरे किए और हर वर्ग के साथ बैठक की। कई प्रतिनिधिमंडल भी मिले। मुलाकातों के बाद अब घोषणा पत्र तैयार किया जा रहा है। आधे से ज्यादा काम हो चुका है। 15 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपा जाएगा।
– डॉ. राजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, चुनाव घोषणा पत्र समिति कांग्रेस


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By Jagran News Network


Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/russia-and-slowakia-enters-in-euro-2016-416978.html

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