Monday, 30 July 2018

लिंचिंग की घटनाओं पर सीएम वसुंधरा राजे ने कहा, ‘ऐसा पूरी दुनिया में होता है’


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राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना लिंचिंग केवल उनके राज्य में नहीं होती है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के दूर-दराज के इलाकों में होने वाली हर घटना के बारे में जानने के लिए उन्हें ‘भगवान से ज्यादा’ होना पड़ेगा.मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी हाल ही में हरियाणा के मेवात जिले के डेरी किसान रकबर खान की अलवर में सात लोगों के समूह द्वारा पीट-पीट कर हत्या के संबंध में आई.


लिंचिंग पर पूछे गए सवाल के जवाब में राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे ने कहा, “ऐसा पूरी दुनिया में होता है, अगर कोई ऐसा कहना चाहता है कि वह सुन क्यों नहीं रही है या फिर कुछ कर क्यों नहीं रही है तो ऐसा केवल राजस्थान में नहीं होता है. अगर रात के 12 बजे राजस्थान के दूर-दराज के इलाके में ऐसा कुछ होता है तो मुझे इसका पता लगाने के लिए भगवान से ज्यादा होना होगा.“


सीएम राजे ने लिंचिंग के पीछे की वजह लोगों के पास रोजगार न होना बताया, उन्होंने कहा कि लोगों को मदद न मिलने पर उनका गुस्सा लिंचिंग के रूप में निकल रहा है.ये भी पढ़ें: राजस्थान क्यों बनता जा रहा है देश की ‘हेट क्राइम कैपिटल’?


“ये समस्या जनसंख्या विस्फोट से उत्पन्न हुई है. लोगों को रोजगार चाहिए. वे इस बात से निराश हैं कि वो रोजगार के लिए काबिल नहीं बन पा रहे हैं. एक निराशा का भाव है जो लोगों और समुदायों में फैल रहा है. यह ऐसा कुछ नहीं है जो राज्य से आ रहा है. ऐसा लोगों की स्थितियों के कारण उनके गुस्से के तौर पर बाहर आ रहा है,” वसुंधरा राजे ने कहा.


हालांकि दौसा से बीजेपी सांसद हरीश मीना ने सीएम वसुंधरा राजे के दावे को खारिज कर दिया. लिंचिंग की घटनाओं को लेकर हरीशा मीना ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई करने में देर हुई है. सीएनएन-न्यूज 18 के शो ‘व्यूपॉइंट’ में राज्स्थान के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रिकॉर्ड के जरिए बताया कि पूर्व में भी ऐसे मामलों में राज्य ने तेजी से कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि इसी कारण से पूरे देश में लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं.


डिजिटलीकरण को बढ़ावा


राजस्थान पिछले कुछ वक्त से लिंचिंग की घटनाओं को लेकर सुर्खियों मे रहा है फिर वह पहलू खान की लंचिंग का मामला हो या भी रकबर की. लेकिन मुख्यमंत्री ‘नवाचार के केंद्र’ के तौर पर राज्य को अलग पहचान देने की कोशिश कर रही है. अगर आपने इस हफ्ते बीकानेर का दौरा किया हो तो आपने महसूस किया होगा कि आप राजा-महाराजाओं के राज्य में नहीं बल्कि कर्नाटक या आंध्रा जैसे किसी विकसित राज्य में हैं जिन्हें साइबर हब के तौर पर जाना जाता है.


हाल ही में हुए राजस्थान डिजिफेस्ट के दौरान एक हॉल में कई एलईडी स्क्रीन पर सीएम वसुंधरा राजे के प्रमोशनल वीडियो चल रहे थे जिनमें उन्हें देश की नंबर वन आईटी चीफ मिनिस्टर कहा जा रहा था. यह पूछने पर कि क्या ये अगले चुनाव के प्रचार के लिए किया जा रहा है उन्होंने कहा, “मैं चुनावी लाभ के बारे में निश्चित नहीं हूं, क्योंकि चुनाव तत्काल नहीं हैं. यह कुछ ऐसा है जो जरूरी है. कभी-कभी हमे राजनीति को परे रखकर भी काम करना चाहिए. हो सकता है कि यह अभी आपको राजनीतिक रुप से लाभ न दे लेकिन वक्त आने पर यह आपको लाभ देगा. यह क्षेत्र के लोगों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आएगा.”


यह सब जानते हैं कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व को उनके काम करने का अंदाज पसंद नही है. चुनाव में सचिन पायलट और अशोक गहलोत की जोड़ी उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है. जब उनसे पूछा गया कि अगर उनकी पार्टी के नेताओं ने उनका समर्थन नहीं किया तो क्या होगा? इस पर वसुंधरा राजे ने कहा, “मीडिया हमेशा यह जानने की कोशिश में लगा रहता है कि मैं इतनी स्पष्ट क्यों हूं? तो इसका कारण ये है कि मैं ऐसा होने की अनुमित नहीं देती हू. अगर स्थित बद से बदतर हो जाएगी तो मैं काम करना बंद कर दूंगी. मुझे खबरों में बने रहना नहीं आता. मैं बहुत खुश हूं. मुझे उनसे कोई समस्या नहीं है. हमें निर्णय लिया है कि हम अगले चुनाव में साथ मिलकर काम करेंगे. इसके लिए हम सभी को मिलकर काम करना है और हम यहीं करने की कोशिश कर रहे हैं.”

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