Monday, 30 July 2018

33 दिन में टूटा पिछले साल का रिकार्ड, 2 लाख से ज्यादा लोगों ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन


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जम्मू (राज्य ब्यूरो)। बाबा अमरनाथ यात्रा शुरू हुए अभी 33 दिन ही हुए हैं, लेकिन इस अवधि में पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया है। अब तक दो लाख 62,314 श्रद्धालु बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष चालीस दिन की यात्रा में दो लाख साठ हजार श्रद्धालुओं ने बाबा अमरनाथ के दर्शन किए थे। इससे पहले 2016 में दो लाख बीस हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।


सोमवार को 3,827 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए। इसके साथ ही यात्रा दो लाख साठ हजार के आंकड़े को पार कर लिया। इससे पहले सोमवार की सुबह 724 श्रद्धालुओं का जत्था बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना हुआ। कई यात्री ऐसे भी थे जो सीधे यात्रा के लिए रवाना हुए। अभी यात्रा समाप्त होने में करीब 27 दिन शेष है। ऐसे में यात्रा के तीन लाख के आसपास होने की उम्मीद है। इस बार यात्रा अधिक होने के कई कारण हैं। श्रद्धालुओं में शुरू से ही उत्साह देखने को मिला। प्रशासन ने भी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे।




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दो लाख से अधिक ने करवाया एडवांस पंजीकरण
इस साल यात्रा शुरू होने से पहले ही देशभर में श्रद्धालुओं ने यस बैंक, जम्मू कश्मीर बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की 440 शाखाओं में अपना पंजीकरण करवाना शुरू कर दिया था। दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने एडवांस में ही अपना पंजीकरण करवा लिया था। यह पिछले दो वर्षो में सबसे अधिक था। पिछले दो वर्षो में एडवांस पंजीकरण का आंकड़ा दो लाख के आंकड़े को छू नहीं पाया था। 




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करंट पंजीकरण में उत्साह
इस बार करंट पंजीकरण करवाने वालों में भी उत्साह नजर आया। पहले 33 दिनों में करीब 80 हजार श्रद्धालुओं ने करंट पंजीकरण करवाया। यह भी दो साल में सबसे अधिक है। पिछले वर्ष 50 हजार से भी कम लोगों ने करंट पंजीकरण करवाया था। अगर इसी को आधार बनाया जाए तो एडवांस पंजीकरण और करंट पंजीकरण करवाने वाले सभी श्रद्धालु दर्शन के लिए जाएं तो 60 दिन में यात्रा तीन लाख के आसपास रहेगी। 





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श्रीनगर में माहौल शांत रहा
वर्ष 2010 के बाद यात्रा हर साल तीन लाख से अधिक ही रहती थी। मगर 2016 में यात्रा के पहले सप्ताह में ही हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी का एनकाउटर होने के बाद कश्मीर के हालात एकदम से खराब हो गए। पूरे कश्मीर में क‌र्फ्यू लगा रहा। इससे यात्रा में कमी आई। मात्र दो लाख बीस हजार यात्री ही दर्शन के लिए आए। पिछले साल भी यात्रा के दौरान कश्मीर में हालात सामान्य नहीं थे। मगर इस साल राज्यपाल शासन लगने के बाद श्रद्धालुओं में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा और पत्थरबाजी नहीं होने से माहौल लगभग शांत रहा। इससे भी श्रद्धालुओं में उत्साह रहा।


विपरीत मौसम में उत्साह
इस साल यात्रा के पहले सप्ताह में मौसम ने साथ नहीं दिया। पहले तीन दिन यात्रा के आधार शिविर बालटाल और नुनवन में हजारों यात्री फंसे रहे। भूस्खलन के कारण भी मौतें हुई। मगर इसका यात्रियों के उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा। यात्रा में देशभर से श्रद्धालु आते रहे। एक सप्ताह में ही 50 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिए थे।


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सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे
पिछले बीस वर्षो में आतंकी हमलों में साठ श्रद्धालुओं की मौत को देखते हुए लखनपुर से भवन तक सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। पिछले साल भी अमरनाथ श्रद्धालुओं की बस पर हमला हुआ था, जिसमें आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जबकि 21 घायल हो गए थे। इस बार श्रद्धालुओं की गाड़ियों में चिप लगाई जा रही है ताकि सुरक्षा के लिहाज से उन्हें ट्रैक किया जा सके। जम्मू कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और सेना के जवानों को जगह-जगह तैनात किया गया है। पूरे राजमार्ग पर इनकी तैनाती है। यात्रा पर ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।


हिजबुल ने कहा, अमरनाथ यात्री हैं मेहमान
इस बार अमरनाथ यात्रा में आतंकी खतरे के बीच हिजबुल मुजाहिदीन ने एक बयान जारी कर कहा कि यात्रा पर कोई खतरा नहीं है। देशभर से आने वाले यात्री उनके मेहमान हैं और वे बेखौफ यात्रा में भाग लेने के लिए आ सकते हैं। इससे भी यात्रियों में उत्साह आया और उनकी संख्या बढ़ी।



कई राज्यों के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर दे रहे सेवा
अमरनाथ यात्रा में कई यात्रियों की हृदयाघात से मौत होती है। यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए इस बार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली, पीजीआइ, शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेस सहित कई राज्यों के विशेषज्ञ डॉक्टर यात्रा मार्ग पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस बार पंजतरणी में इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग कश्मीर ने अमरनाथ यात्रियों के लिए टेलीमेडिसीन सुविधा शुरू की। है। –


वर्ष 2011 में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए थे दर्शन
श्री बाबा अमरनाथ यात्रा में वर्ष 2011 में सबसे अधिक 6.36 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इसके बाद वर्ष 2012 में 6.22 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दरबार पहुंचे। इस साल हृदयाघात से कई मौतों के बाद स्वास्थ्य प्रमाणपत्र को यात्रा के लिए अनिवार्य कर दिया गया। इसके बाद यात्रा में गिरावट आई। वर्ष 2013 में 3.53 लाख और वर्ष 2014 में 3.72 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए। 




Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/india-vs-zimbabwe-team-india-kl-rahul-jasprit-bumrah-super-game-2-489323.html

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