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नई दिल्ली [प्रेट्र]। रीढ़ की हड्डी में लगी चोट ठीक करने और शरीर के जटिल भागों में दवा पहुंचाने के लिए अब मैग्नेटिक सर्जिकल सीमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। आमतौर पर ट्यूमर या ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए उनकी चोट में सर्जिकल सीमेंट का इस्तेमाल होता है। इस प्रक्रिया को कीफोप्लास्टी कहते हैं। यह हड्डियों को स्थिर कर उन्हें जोड़ने में तो मदद करती है, लेकिन इससे रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर का इलाज नहीं किया जा सकता क्योंकि वहां तक दवा पहुंचाना कठिन है।
अमेरिका के शिकागो स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉयस के शोधकर्ताओं ने इसका समाधान निकालने के लिए सर्जिकल सीमेंट में कुछ चुंबकीय कण मिला दिए। ये चुंबकीय कण चोट तक दवा को आसानी से पहुंचा सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कीफोप्लास्टी तकनीक में इस सुधार से हम रीढ़ की हड्डी को स्थिर करने के साथ ही दवा सही जगह पहुंचा सकते हैं। आगे चलकर स्पाइनल ट्यूमर से ग्रसित लोगों की सर्जरी करने की जगह इसी तरीके से उपचार किया जा सकेगा। फिलहाल वैज्ञानिकों ने सुअरों पर इसका इस्तेमाल किया है

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सालमोनेला संक्रमण से बचा सकता है गट बैक्टीरिया
आंत में मौजूद उपयोगी बैक्टीरिया (गट बैक्टीरिया) सालमोनेला बैक्टीरिया के संक्रमण से हमारी रक्षा कर सकता है। दूषित खाने और पानी से फैलने वाले इस संक्रमण के कारण व्यक्ति डायरिया और बुखार आदि से पीड़ित हो जाता है। स्थिति गंभीर होने पर कई बार मरीज की जान भी चली जाती है। अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया कि गट बैक्टीरिया के मेटाबॉलिज्म से प्रोपियोनेट नामक अणुओं का निर्माण होता है। ये अणु आंत में सालमोनेला बैक्टीरिया के विकसित होने के समय को बढ़ाकर संक्रमण को फैलने से रोकते हैं।

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शोधकर्ता डेनिस मोनैक कहते हैं, ‘कुछ व्यक्ति इस तरह के बैक्टीरियल संक्रमण का शिकार जल्दी नहीं होते, जबकि कुछ इससे बुरी तरह प्रभावित होते हैं। हमारे शोध से इसका कारण साफ हो गया है।’ प्रोपियोनेट के इस्तेमाल से संक्रमण ठीक करने में एंटीबायटिक की जरूरत सीमित हो जाएगी। इससे एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर रहे माइक्रोब्स की समस्या का निदान भी हो जाएगा।
By Sanjay Pokhriyal
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/LOzzeYj0cQM/story01.htm
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