Monday, 29 October 2018

ट्रंप का रिप्लेसमेंट: 26 जनवरी के लिए नया मेहमान तलाशने में दिन-रात एक कर रही मोदी सरकार


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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गणतंत्र दिवस पर बतौर चीफ गेस्‍ट भारत आने के मोदी सरकार के न्‍योते को ठुकरा दिया है. बताया जा रहा है कि भारत के रूस के साथ हुई S-400 मिसाइल डील और ईरान से तेल करार की वजह से ट्रंप प्रशासन ने ये फैसला लिया. ऐन वक्त पर ट्रंप के भारत का न्योता ठुकराने के बाद अब मोदी सरकार पशोपेश में है. सरकार पर दबाव है कि इतने कम वक्त में ट्रंप की जगह किसे गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट बुलाया जाए?ट्रंप ने ठुकराया गणतंत्र दिवस पर भारत आने का न्योता, रूस-ईरान से डील बनी वजह


सूत्रों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप के विकल्प के तौर पर सरकार तीन देशों के राष्ट्राध्यक्षों के नाम पर विचार कर रही है. इसमें अफ्रीकी देश के प्रमुख का नाम भी शामिल है, जो ट्रंप को रिप्लेस कर सकते हैं.


सूत्र ने इसके भी संकेत दिए कि भारत को पहले से उम्मीद थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसा कोई फैसला लेंगे. क्योंकि, रूस के साथ हुई डिफेंस डील और ईरान के साथ तेल करार को लेकर अमेरिका अपनी नाराजगी जाहिर कर चुका था.


बता दें कि रविवार को अमेरिकी अधिकारियों ने भारत के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को चिट्ठी भेजकर ट्रंप का दौरा कैंसिल होने की जानकारी दी. माना जा रहा है कि 26 जनवरी के दौरान ही ट्रंप का स्टेट ऑफ द यूनियन (SOTU) संबोधन और कुछ राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित हो सकते हैं.


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अगर ट्रंप भारत का न्योता स्वीकार करते तो इसे विदेश नीति के लिहाज से मोदी सरकार की बड़ी सफलता मानी जाती. दरअसल, भारत की ओर से ये न्योता इसी साल अप्रैल में भेजा गया था. अगर ट्रंप भारत आते हैं तो उनका यह दौरा उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा के दौरे से भी ज्यादा चर्चित होता. बराक ओबामा साल 2015 में रिपब्लिक डे परेड के चीफ गेस्ट थे.


बता दें कि भारत में हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर खास मेहमानों को बुलाने की परंपरा रही है. साल 2015 में बराक ओबामा, 2016 में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रैंकोईस होलैंड, 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 2018 में आसियान के सभी 10 नेता भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे.


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