Tuesday, 30 October 2018

बिहार में अपनी सीटों की ‘कुर्बानी’ देने को तैयार कुशवाहा, कहा- अभी नहीं हुई कोई डील


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केंद्रीय मंत्री और आरएलएसपी प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने मंगलवार को लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान से मुलाकात की. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में सीटों के बंटवारे के फॉर्मूले पर चर्चा की.राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) अध्यक्ष ने अपने आवास पर पासवान से मुलाकात की और सीट शेयरिंग को लेकर विचार-विमर्श किया. कुशवाहा इससे पहले बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव से भी मिले और कहा कि वह बिहार में अपनी लोकसभा सीटों की ‘कुर्बानी’ देने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा सहयोगी पार्टियों से की गई अपील मानने के लिए तैयार हैं.


कुशवाहा ने पिछले हफ्ते आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी, जिसके बाद अटकलें थीं कि वह एनडीए का साथ छोड़कर महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं. कुशवाहा ने मंगलवार को कहा कि वह बिहार में लड़ने के लिए सीटों की ‘सम्मानजनक’ संख्या चाहते हैं. उन्होंने साफ कर दिया कि सीट बंटवारे को लेकर अंतिम समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने संकेत दिए कि वह बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए का हिस्सा बने रह सकते हैं.


बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों में से बीजेपी, एलजेपी और आरएलएसपी ने 30, सात और तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और क्रमश: 22, छह और तीन पर जीत दर्ज की थी.ये भी पढ़ेंः मनाने में जुटी BJP, सीट बंटवारे को लेकर आज अमित शाह से मिलेंगे उपेंद्र कुशवाहा


हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने से सीट शेयरिंग को लेकर नई व्यवस्था बनी है. पिछले हफ्ते अमित शाह ने घोषणा की थी कि बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कुशवाहा और पासवान को सीटों का ‘त्याग’ करने के लिए कहा था.


वहीं विपक्षी पार्टी आरजेडी इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाना बना रही है. आरजेडी का कहना है कि नीतिश, बीजेपी पर दबाव डालकर सीट शेयरिंग को अपने पक्ष में कर रहे हैं, जिस कारण आरएलएसपी को पर्याप्त प्रतिनिधत्व नहीं मिल पा रहा है.


बता दें कि कुशवाहा ने 2013 में जेडीयू छोड़कर नई पार्टी बनाई थी. हालांकि दिल्ली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने नीतीश कुमार को अपना बड़ा भाई बताया था, लेकिन यह भी सच है कि जब नीतीश कुमार ने एनडीए में वापसी की थी तो कुशवाहा इससे खुश नहीं थे.


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