Tuesday, 30 October 2018

'दिल्ली में हवा की हालत और खराब हुई तो प्राइवेट गाड़ियों पर लगेगा बैन'


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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने मंगलवार को कहा है कि वह निजी गाड़ियों पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के अध्यक्ष भूरेलाल ने कहा, ‘1 नवंबर से हमारा ग्रेडेड एक्शन रेस्पॉन्स प्लान लागू किया जाएगा. इसकी उम्मीद की जाये कि दिल्ली में प्रदूषण की हालत और ज्यादा खराब न हो अन्यथा हमें निजी गाड़ियों के चलने पर रोक लगानी होगी.’केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता 397 दर्ज की गई जो गंभीर स्तर से तीन अंक नीचे और इस मौसम में प्रदूषण के लिहाज से सर्वाधिक है. आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के 17 इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है.


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केंद्र की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (एसएएफएआर) ने वायु गुणवत्ता की बदतर होती स्थिति के पीछे पिछले 24 घंटे में ‘भारी’ मात्रा में पराली जलाने और हवा की शांत गति को वजह बताई है.एसएएफएआर ने बताया कि मंगलवार को पीएम 2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर से भी कम मोटाई वाले कणों की मौजूदगी) द्वारा 28 प्रतिशत प्रदूषण की वजह पराली जलाने जैसे क्षेत्रीय कारण रहे. पीएम 2.5 इस मौसम का सर्वाधिक 251 दर्ज किया गया.




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पीएम10 के मुकाबले बारीक कण स्वास्थ्य के लिहाज से अधिक चिंताजनक हो सकते हैं. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पीएम 10 (हवा में 10 माइक्रोमीटर से कम की मोटाई वाले कणों की मौजूदगी) का स्तर 453 दर्ज किया गया. एसएएफएआर ने बताया कि बुधवार और गुरुवार को प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है. उसके बाद प्रदूषण कम हो सकता है.


सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पीएम 10 (हवा में 10 माइक्रोमीटर से कम की मोटाई वाले कणों की मौजूदगी) का स्तर 453 दर्ज किया गया.(एजेंसी इनपुट के साथ)


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