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एक लड़की अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर भाग गई थी. लड़की के भाई ने लड़के के खिलाफ शिकायत की और मांग की कि उसकी बहन को तलाशकर लड़के पर कार्रवाई की जाए. लेकिन, पुलिस ने एक्शन नहीं लिया क्योंकि एक मजबूरी थी. फिर शिकायती ने ठान लिया कि वो अपना बदला खुद लेगा. उसने पूरा प्लॉट तैयार किया और शातिराना ढंग से मुंबई से उत्तर प्रदेश में हत्याकांड को अंजाम दिया.एक दुश्मनी की कहानी चार साल पहले 2014 में प्रतापगढ़ ज़िले में शुरू हुई जब एक दिन कलाम की बहन घर से गायब हो गई. घर के लोगों ने पता लगाया तो हकीकत ये सामने आई कि कलाम की बहन भगत के साथ भाग गई थी. कलाम को ये बात कतई गवारा नहीं हुई और वह फौरन पुलिस के पास पहुंचा और उसने शिकायत दर्ज करवाई कि उसकी बहन को बरगला कर भगत भगा ले गया. मामला चूंकि हिंदू और मुस्लिम समुदाय से जुड़ा था इसलिए हर कदम फूंक फूंककर रखा जाना था.
जब ये शिकायत पुलिस के पास आई तो पुलिस ने अपने स्तर पर छानबीन की. जल्द ही पता चल गया कि भगत समाजवादी पार्टी के एक नेता हरिश्चंद्र सिंह का खास रिश्तेदार था. हरिश्चंद्र का इलाके में रसूख था इसलिए उसने पुलिस पर किसी तरह दबाव बनाकर इस मामले को दबा देने और भगत के खिलाफ कोई एक्शन न लिये जाने का इंतज़ाम करवाया. उधर, कलाम थाने के चक्कर काटता रहा और हर बार मायूस लौटा.
कलाम को भी पता चल गया कि हरिश्चंद्र के दबाव के कारण पुलिस कोई एक्शन नहीं ले रही थी. अब कलाम और हरिश्चंद्र के बीच दुश्मनी पनपी और मुंह की खा चुके कलाम को अपनी हार बर्दाश्त नहीं हुई. घर में भी उसकी फैमिली उसे ताने देने लगी कि वह अपनी बहन और उसे भगा ले जाने वाले को ढूंढ़ भी नहीं पा रहा था. कलाम से अपनी यह बेइज़्ज़ती बर्दाश्त नहीं हो रही थी और उसके मन में एक अलग ही खिचड़ी पक रही थी इसलिए वह मुंबई जा पहुंचा.

मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन. फाइल फोटो.
मुंबई जाकर उसने प्रतापगढ़ ज़िले में ही अपने खास दोस्त इमरान से कॉंटैक्ट किया लेकिन फोन या मैसेज के ज़रिये नहीं बल्कि वॉट्सएप के ज़रिये. और इमरान को खास तौर पर हिदायत दी कि जो भी बात करना हो, सिर्फ वॉट्सएप पर ही करे, फोन या मैसेज पर नहीं. कलाम को पता था कि काम को अंजाम देने के बाद अगर टेक्निकल सर्विलांस हुआ भी तो, वॉट्सएप चैट ट्रेस नहीं होती क्योंकि वॉट्सएप एनक्रिप्टेड एप है.
अब वॉट्सएप के ज़रिये ही कलाम ने इमरान से दो शार्प शूटरों का बंदोबस्त करने की बात कही. इमरान ने अपने दोस्त की मदद की खातिर अशरफ और शिब्बू के साथ बातचीत करने के बाद वॉट्सएप के ज़रिये ही कलाम की बातचीत भी करवाई. डील पक्की हुई और कलाम ने 3 लाख रुपये में हरिश्चंद्र के कत्ल की सुपारी दे दी. एडवांस के तौर पर अशरफ और शिब्बू को 50 हज़ार रुपये भी दिए गए.
अगस्त 2014 में अशरफ और शिब्बू ने योजना के मुताबिक ज़िले में ही हरिश्चंद्र की रेकी की और एक दिन उसे पूरे आंटी बाज़ार में घेरकर गोलियों से भून दिया. दोनों बाइक से गए थे और गोलियां चलाने के बाद बाइक से ही भाग खड़े हुए. इसके बाद दोनों रेलवे स्टेशन पहुंचे और शिब्बू ने मुंबई की ट्रेन पकड़ी और अशरफ फूलपुर भाग गया. चूंकि इलाके के एक रसूखदार नेता का कत्ल हुआ था इसलिए पुलिस हरकत में आई.

पुलिस ने छानबीन की लेकिन पुलिस को इस कत्ल के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा. जांच बंद नहीं की गई बल्कि इस केस में पुलिस को किसी लीड की तलाश थी. पुलिस अंदाज़ा लगा चुकी थी लेकिन उसके हाथ कोई सबूत नहीं लग रहा था. चार साल बाद 2018 में अगस्त के महीने में इमरान पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया और जब इमरान के फोन की जांच की गई तो वॉट्सएप के ज़रिये पूरी साज़िश रचे जाने की बात सामने आई.
इमरान के बयान और उसके फोन से मिले डिटेल्स के आधार पर अशरफ और शिब्बू की तलाश शुरू हुई तो बीते 8 सितंबर को अशरफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया. अशरफ ने हरिश्चंद्र की हत्या के कारणों का खुलासा करते हुए हत्याकांड की पूरी कहानी बताई. अब पुलिस अपनी टीमें भेजकर शिब्बू और मास्टरमाइंड कलाम को खोज रही है और दोनों के सिर पर 10 हज़ार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है.
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Article source: https://hindi.news18.com/news/sports/ipl-2018/preity-zinta-cries-after-kxip-loses-a-match-1385457.html
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